-कम्प्लीमेंट्री पर जांच तो एक नंबर की दो टिकटों की जांच क्यों नहीं?
-जांच हुई तो डीडीसीए के पूर्व व वर्तमान निदेशकों तक पहंच सकती है आंच?
विजय कुमार/ नई दिल्ली,15 मई।
दिल्ली के फीरोजशाह कोटला मैदान पर आईपीएल का अंतिम मुकाबला राजस्थान रायल्स और दिल्ली कैपिटल के बीच 17 मई को खेला जाना है। जहां इससे पूर्व आईपीएल मैचों की काम्प्लीमेंटी पासों को लेकर डीडीसीए के चहेतों की भीड दिखाई देती थी वह अब नदारक सी हो गई है। दूसरा कहा यह भी जा रहा है कि आईपीएल समाप्ति के बाद पुलिस की जांच भी खत्म हो जायेगी, जोकि क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विशेष बना हुआ है।
ज्ञातव्य हो कि पिछले दिनों दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने आईपीएल मैचों के कम्पलीमेंट्री पासों व टिकटों की कालाबाजारी को लेकर शिकायत मिली थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने कई लोगों को इस संबंध मंे 11 मई को गिरफ्तार किया था। जिसमें कोटला के नजदीक एक पेट्रोल पंप का मैनेजर भी शामिल था।
फिलहाल इस संबंध में क्राइम ब्रांच की जांच तो चालू है। वहीं दूसरी तरफ डीडीसीए के कोटला मैदान पर आगामी रविवार को राजस्थान राॅयल्स और दिल्ली कैपिटल की टीमों के बीच आईपीएल का अंतिम मैच खेला जाना है। लेकिन इस मैच को लेकर कम्प्लीमेंट्री पास मांगने वालों को जोश शायद क्राइम ब्रांच की जांच ने ठंडा कर दिया।
जहां डीडीसीए निदेशकों के कमरे और स्टेडियम के भीतर कम्प्लीमेंट्री पास व टिकट मांगने वालों की भीड हुआ करती थी, आज कल वहां केवल गिने चुने ही व्यक्ति दिखाई दे रहें है। हालांकि यहां यह बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है कि क्राइम ब्रांच कम्प्लीमेंट्री पासों की जांच तो कर रही है, लेकिन एक ही नंबर के दो-दो टिकट पाए जाने की शिकायत पर क्यों नहीं जांच कर रहे हैं।
एक ही नंबर की दो टिकटों का काला कारनामा डीडीसीए में पहली बार नहीं हो रहा यह तो काफी पहले से चला आ रहा है। स्वर्गीय अरूण जेटली जब डीडीसीए के अध्यक्ष हुआ करते थे, उस दौरान भी यह मामला खूद पत्रकार के द्वारा मीडिया में लाया गया था। लेकर उसकी जांच भी ठंडी कर दी गई, और फिर स्टेडियम पर प्रवेश के लिए कम्प्यूटर से प्रवेश देना शुरू किया गया। मगर फिर से एक नंबर की दो टिकटों का मामला उठा और शांत सा होता दिखाई दे रहा है। हां कम्प्लीमेंट्री पासों को लेकर जरूर मामला पुलिस की जांच में शामिल हो गया।
इस जांच को अगर दबाया नहीं गया तो काफी मसाला पुलिस को मिलेगा। इस मामले के उभरने के को लेकर जहां कुछ डीडीसीए के निदेशक खुश है तो कुछ कह रहें है कि आईपीएल समाप्त जांच समाप्त। अगर यह सही है तो पुलिस पर से भी क्रिकेट प्रेमिया का भरोसा उठ जायेगा। फिलहाल डीडीसीए वाले कम्प्लीमेंटी पास मांगने वालों की कम से जरूर खुश दिखाई दे रहें है।


