नहीं होगी आद्योगिक इलाकों में सीलिंग… लेकिन, जरा देर लगेगी

मास्टर प्लान- 2021 में अधिसूचित 22 औद्योगिक इलाकों के कारोबारियों को मिलेगी राहत!

टीम एटूजैड/ नई दिल्ली
राजधानी के 22 नए घोषित औद्योगिक इलाकों में सीलिंग का कहर थम सकता है। यह औद्योगिक इलाके वह हैं जिन्हें मास्टर प्लान- 2021 में नोटीफाई किया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनिटरिंग कमेटी के आदेश पर धड़ाधड़ सीलिग की जा रही है। गुरूवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में दिल्ली सरकार की डीएसआईआईडीसी, पीडब्लूडी, तीनों नगर निगमों और संबंधित विभागों के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में औद्योगिक इलाकों के कुछ प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में डीएसआईआईडीसी के अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि मॉनिटरिंग कमेटी को औद्योगिक इलाकों के बारे में स्पष्ट किया जाए कि प्रदूषण नहीं फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों (नॉन पॉल्यूटिंग इंडस्ट्रियल यूनिट्स) को सील नहीं किया जा सकता। शुक्रवार को डीएसआईआईडीसी के आला अधिकारी मॉनिटरिंग कमेटी के सामने अपना पक्ष रखेंगे। लेकिन कारोबारियों को सीलिंग से राहत मिलने में कुछ समय लग सकता है। दिल्ली में इन 22 इलाकों के अलावा पहले से 32 इलाके पहले से औद्योगिक इलाकों के रूप में घोषित हैं। मास्टर प्लान-2021 में अधिसूचित औद्योगिक इलाकों की सूची खबर के अंत में है।

दूसरों के नाम पर सीलिंग से मिलेगी राहत
मॉनिटरिंग कमेटी के आदेश पर इन 22 में से ज्यादातर औद्योगिक इलाकों में ऐसी औद्योगिक इकाईयों की सीलिंग की जा रही है जो वास्तव में हैं ही नहीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर औद्योगिक इकाईयों को रिहायशी इलाकों में से स्थानांतरित करने के लिए डीएसआईआईडीसी ने नए औद्योगिक इलाके विकसित करने का जिम्मा उठाया था। इन इलाकों में कुछ कारोबारियों को प्लॉट भी आबंटित किए गए थे। जिन कारोबारियों ने अपनी औद्योगिक इकाईयां पुराने यानी नए घोषित औद्योगिक इलाकों से शिफ्ट कर ली हैं, उनके नाम पर उसी पुरानी जगह पर चल रहीं दूसरी औद्योगिक इकाईयों को सील नहीं किया जाएगा।

डीएसआईआईडीसी ने सोंपी पुरानी सूची

औद्योगिक इकाईयों को स्थानांतरित किए गए नए औद्योगिक इलाकों की वर्तमान हालत

दरअसल डीएसआईआईडीसी ने मॉनिटरिंग कमेटी को वह पुरानी सूची सोंप दी थी, जिसमें उन लोगों के नाम थे जिन्हें नए औद्योगिक इलाकों में प्लॉट आबंटित किए गए थे। इसी आधार पर मॉनिटरिंग कमेटी ने उन प्रापर्टीज में चल रही औद्योगिक इकाईयों को सील करने के आदेश दिए थे जिनके पुराने किराएदारों/मालिकों को नए प्रस्तावित औद्योगिक इलाकों में प्लॉट आबंटित किए जा चुके हैं। लेकिन स्थानांतरण के दौरान ही तत्कालीन दिल्ली सरकार ने इन नए 22 औद्योगिक इलाकों को मास्टर प्लान 2021 में अधिसूचित कर दिया। यानी कि इन इलाकों में नॉन पॉल्यूटिंग के अलावा सभी तरह की औद्योगिक गतिविधियां चलाई जा सकती हैं। अब डीएसआईआईडीसी को मॉनिटरिंग कमेटी के सामने स्पष्ट करना है कि इन औद्योगिक इलाकों में कारोबारी गतिविधियां चलाई जा सकती हैं और यह कानूनन सही है और इन इलाकों में सभी मानकों को पूरा करने वाली औद्योगिक इकाईयों को सील नहीं किया जाना चाहिए।

जरा देर लगेगी…
गुरूवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि केवल इस आधार पर 22 औद्योगिक इलाकों में सीलिंग नहीं होगी कि किसी प्रॉपर्टी में चल रही औद्योगिक इकाई के मालिक को दूसरी जगह प्लॉट दे दिया गया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिनको नए औद्योगिक इलाकों में प्लॉट दे दिया गया है उनके अलावा यदि पुराने औद्योगिक इलाकों में उसी स्थान पर यदि कोई दूसरी औद्योगिक इकाई चल रही है तो उसे सील नहीं किया जाएगा। केवल पता एक होने पर ही किसी दुकान, फैक्ट्री या कार्यालय को सील नहीं किया जाएगा। हालांकि डीएसआईआईडीसी के आला अधिकारियों को यह आदेश दिया गया है कि वह तुरंत यह तथ्य मॉनिटरिंग कमेटी के सामने रखें। लेकिन इसके बावजूद मॉनिटरिंग कमेटी इस मामले में कब तक फैसला लेती और राहत देती है ये मौनिटरिंग कमेटी के विवेक पर निर्भर करेगा।

सभी को नहीं मिलेगी राहत… दिल्ली में चल रही कई श्रेणी की सीलिंग
केजरीवाल सरकार की गुरूवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में सीलिंग से राहत के निर्णय के बावजूद सभी लोगों को सीलिंग के कहर से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दरअसल राजधानी दिल्ली में कई तरह की सीलिंग चल रही है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त बीएम मिश्रा ने बताया कि पहली श्रेणी की सीलिंग ऐसे संस्थानों में की जा रही है जो विशेष तौर पर भूरेलाल कमेटी की सीधी सिफारिश पर की जा रही है। दूसरी श्रेणी ऐसी इकाईयों की है जिन्हें किसी दूसरे स्थान पर प्लॉट दिया जा चुका है लेकिन पुरानी जगह पर ही करोबार किया जा रहा है। तीसरी श्रेणी की सीलिंग वह है जो बिना लाइसेंस के चल रही औद्योगिक इकाईयों में की जा रही है। चौथी श्रेणी उन इकाईयों की है जो अनाधिकृत निर्माण की वजह से की जा रही है। कुछ इकाईयों की सीलिंग इसलिए की जा रही है जिन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया है। कुछ दूसरे कारणों से भी सलिंग की जा रही जिसे अन्य या अदर्स की श्रेणी में रखा गया है।

मास्टर प्लान- 2021 के तहत निम्न 22 औद्योगिक इलाकों को किया गया है नोटिफाईः
आनंद पर्वत
शाहदरा
समयपुर बादली
जवाहर नगर
सुलतानपुर माजरा
हस्तसाल पॉकेट- ए
नरेश पार्क एक्सटेंसन
लिबासपुर
पीरागढ़ी विलेज
ख्याला
हस्तसाल पॉकेट-डी
शालामार विलेज
न्यू मंडौली
नवादा
रिठाला
स्वर्ण पार्क मुंडका
हैदरपुर
करावल नगर
डाबरी
बसई दारापुर
मुंडका साउथ ऑफ रोहतक रोड
प्रहलादपुर बांगर