-वियतनाम में भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने नौ पदक अपने नाम किए
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 26 मई।
भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए प्रतियोगिता के चैथे दिन मंगलवार को चार और पदक भारत की झोली में डाले। कुमार मोहित और चंद्रमोहन ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय अभियान की अगुवाई की, जबकि 61 किलोग्राम वर्ग में दीपक ने रजत पदक और 74 किलोग्राम वर्ग में एक अन्य दीपक ने कांस्य पदक हासिल किया।
इन परिणामों के साथ फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भारत के पदकों की संख्या छह हो गई। इससे पहले सोमवार को अक्षय टी. ढेरे (57 किग्रा) और विक्की (97 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई थी। 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कुमार मोहित ने पूरी तरह दबदबा बनाए रखते हुए किर्गिस्तान के ओस्कोनबाई ए. अब्दिसामातोव को 12-4 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद 79 किलोग्राम वर्ग में चंद्रमोहन ने कजाखस्तान के येरखान अबिल के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 7-6 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक जीता।
61 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में दीपक का मुकाबला कजाखस्तान के नुरदानात ऐतानोव से 4-4 की बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन तकनीकी आधार पर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, 74 किलोग्राम वर्ग में दीपक ने तुर्कमेनिस्तान के वतन अन्नाइराजोव को 10-0 से एकतरफा शिकस्त देकर कांस्य पदक हासिल किया।
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, ‘स्टाइल टीम ने पिछले दो दिनों में शानदार निरंतरता दिखाई है। अब तक फ्रीस्टाइल वर्ग में चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीतना हमारे लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। मोहित और चंद्रमोहन ने आज बेहतरीन कुश्ती का प्रदर्शन करते हुए खिताब जीते, जबकि दोनों दीपकों ने भी पूरा दमखम दिखाया। मैं खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को इन उपलब्धियों के लिए बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि दिन समाप्त होने तक भारत के खाते में और पदक जुड़ेंगे।’
92 किलोग्राम वर्ग में कुमार पुनीत को फाइनल में किर्गिस्तान के उलुकबेक सूरोम्बेकोव से 1-12 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। 86 किलोग्राम वर्ग में मोर सचिन ने उज्बेकिस्तान के बोबुरबेक रुजिम्बोएव को 4-1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
125 किलोग्राम वर्ग में लक्की को फाइनल में कजाखस्तान के रिजाबेक ऐतमुखान के खिलाफ 0-10 से हार झेलनी पड़ी, जिसके बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फ्रीस्टाइल स्पर्धा के मुकाबले देर शाम तक जारी रहे, जहां भारत के दो अन्य पहलवान अपने-अपने पदक मुकाबलों के लिए मैट पर उतरने वाले थे।


