-23 मई के बजाय अब 3 जून को होगा 12 वार्ड समितियों के चेयरमैन-डिप्टी चेयरमैन का चुनाव
-सरकार और संगठन के बीच लगातार बढ़ती जा रही खाई
हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 15 मई।
दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व परिवर्तन की आहट ने 23 मई को होने वाले एमसीडी के 12 जोन के चेयरमैन एवं डिप्टी चेयरमैन के चुनाव को टाल दिया है। अब यह चुनाव 3 जून, 2026 को होंगे। राजधानी के सियासी गलियारों में चर्चा है कि यदि चुनावों की तारीख 23 मई ही रहती तो वर्तमान प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को अपनी चलाने का मौका मिल जाता। परंतु पार्टी नेतृत्व अब उन्हें और कोई मौका नहीं देना चाहता है।
बता दें कि दिल्ली में एमसीडी के 12 जोन (वार्ड समितियां) हैं। हर वर्ष इन सभी जोन के चेयरमैन एवं डिप्टी चेयरमैन के चुनाव होते हैं। इस वर्ष यह चुनाव 23 मई को होने थे और इसके लिए निगम पार्षदों के द्वारा 19 मई तक नामांकन पत्र दाखिल किये जाने थे। इसी के साथ 6 जोन से स्टेंडिंग कमेटी के लिए 6 सदस्यों का चुनाव होना है। परंतु 14 मई को निगम सचिव कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक यह चुनाव अब 3 जून को कराये जायेंगे। इसके लिए अब 29 मई 2026 तक नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की जायेगी।
दरअसल इन चर्चाओं को इस बात से भी बल मिल रहा है कि, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का कार्यकाल पूरा हो गया है और माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक दिल्ली में बीजेपी नेतृत्व परिवर्तन कर सकती है। ऐसे में एमसीडी में होने वाले जोन, स्टेंडिंग कमेटी और अन्य कमेटियों के चेयरमैन व डिप्टी चेयरमैन के चुनाव से जुड़े फैसले नये अध्यक्ष के द्वारा लिये जायेंगे।
सरकार और संगठन के बीच बढ़ती जा रही दूरियां
दिल्ली में बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यभार संभालने के समय से ही पार्टी की छवि बनाने की कोशिश की हैं। परंतु इस दौरान प्रदेश नेतृत्व एवं सरकार के बीच कई बार मतभेद भी सामने आते रहे हैं। पार्टी में चर्चा है कि प्रदेश नेतृत्व के ‘एकला चलो’ की नीति के चलते लगातार दूरियां बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली बीजेपी का एक बड़ा धड़ा दिल्ली प्रदेश नेतृत्व से भारी नाराज चल रहा है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लगातार दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है।
‘काॅरपोरेट कल्चर’ ने बढ़ाई कार्यकर्ताओं से दूरियां
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में भले ही बीजेपी सरकार है, परंतु पार्टी संगठन में कार्यकर्ताओं को लगातार मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली बीजेपी का कार्यालय दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर आने के बाद से कार्यकर्ता और ज्यादा निराशा का सामना कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व के व्यवहार के चलते पार्टी के कई नेता पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही पार्टी छोड़ गये थे। तब कई लोगों ने आरोप लगाये थे कि उन्हें एक-डेढ़ साल तक समय मांगने पर मिलने का समय तक नहीं दिया गया। नये कार्यालय में एकदम काॅरपोरेट कल्चर आ गया है। जिसकी वजह से आम कार्यकर्ता तो क्या अब पार्टी के पदाधिकारी भी प्रदेश नेतृत्व से आसानी से नहीं मिल पाते हैं।


