-अनुशासन समिति को सोंपा मंडल अध्यक्ष की पिटाई का मामला
-अनुशासन समिति के सामने बुधवार को स्पष्टीकरण देने का आदेश
एसएस ब्यूरो/नई दिल्ली 15 सितम्बर।
कंझावला मंडल अध्यक्ष की ‘पिटाई’ के मामले में दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व की नींद आखिरकार 4 दिन बाद खुल गई है। पार्टी की ओर से पीड़ित मंडल अध्यक्ष और आरोपी विधायक को अपना स्पष्टीकरण अनुशासन समिति के सामने रखने का आदेश दिया गया है।
मंगलवार को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि उतर पश्चिम संसदीय क्षेत्र में भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष एवं कुछ अन्य कार्यकर्ताओं के बीच एक अप्रिय एवं अवांछित घटना की जानकारी दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के संज्ञान में आई है। घटना को लेकर प्रदेश नेतृत्व काफी गम्भीर है और क्षेत्रीय सांसद, जिलाध्यक्ष से बातचीत करके हमने बीती कल शाम सम्बंधित विधायक एवं मंडल अध्यक्ष को एक पत्र जारी करके कल 16 सितम्बर 3 बजे तक दिल्ली भाजपा की अनुशासन समिति को अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।
हर्ष मलहोत्रा ने बताया कि दिल्ली भाजपा की अनुशासन समिति को यह मामला सौंप दिया गया है और उसकी रिपोर्ट अनुसार आगे कार्रवाई होगी। दोनों में से कोई भी पक्ष पुलिस अथवा कानूनी कार्रवाई की मांग करने को स्वतंत्र हैं, पार्टी अपनी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
प्रदेश महामंत्री एवं कार्यालय प्रभारी विष्णू मित्तल की ओर से 14 सितंबर को जारी अलग अलग पत्रों में पार्टी विधायक गजेंद्र दराल एवं कंझावला मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार को कहा गया है कि वह दोनों बुधवार 16 सितंबर को दोपहर 3 बजे अनुशासन समिति के सामने अपना-अपना स्पष्टीकरण रखें। गौरतलब है कि पीड़ित सुनील कुमार ने मुंडका से विधायक गजेंद्र दराल और कुछ अन्य लोगों के ऊपर गंभीर मारपीट के आरोप लगाये हैं। सुनील कुमार का आरोप है कि उसने दिल्ली पुलिस में भी शिकायत की थी परंतु इस मामले में विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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पार्टी के साथ भी बगावत कर चुके हैं गजेंद्र दराल
बता दें कि 2022 के नगर निगम चुनाव के समय विधायक गजेंद्र दराल बीजेपी के साथ भी बगावत कर चुके हैं। एमसीडी चुनाव के समय पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची में गजेंद्र दराल का नाम निगम पार्षद प्रत्याशी के रूप में घोषित कर दिया था। परंतु अगले ही दिन पार्टी ने गजेंद्र दराल का नाम काटकर निगम चुनाव में दूसरा उम्मीदवार उतार दिया था। तब गजेंद्र दराल ने पार्टी के साथ बगावत करते हुए बीजेपी के घोषित उम्मीदवार के सामने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
चुनाव के समय पार्टी ने गजेंद्र दराल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। बाद में एमसीडी चुनाव के नतीजों में एमसीडी की सत्ता गंवाने के बाद बीजेपी नेतृत्व ने मजबूरी में गजेंद्र दराल को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया था। बाद में गजेंद्र दराल ने नरेला जोन में पार्टी के लिए बहुमत जुटाने में अच्छी भूमिका निभाई तो 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने टिकट दिया और गजेंद्र दराल ने जीत हासिल की थी। ताजा घटना के बाद पार्टी में चर्चा है कि ‘स्पष्टीकरण मांगा जाना केवल खानापूर्ति है, पार्टी नेतृत्व गजेंद्र दराल के खिलाफ कोई कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है। मीडिया में सुर्खियां बटोरने और कांग्रेस व आम आदमी पार्टी की ओर से लगातार सियासी हमलों के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।’


