बारापुला फेज-III की जाम समस्या पर PWD मंत्री का AAP पर हमला

-बोले- गलत प्लानिंग का खामियाजा भुगत रही दिल्ली

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 7 अक्टूबर।
बारापुला फेज-3 शुरू होने के बाद सामने आई ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना की प्लानिंग में दूरदर्शिता की कमी के कारण कई हिस्सों में वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा कि बारापुला को वर्ष 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग के कारण परियोजना वर्षों तक लटकी रही। अप्रैल 2015 में शुरू निर्माण विलंब के बाद यातायात के लिए खोला गया है।
कम लेन में ट्रैफिक मर्ज होना बनी चुनौती
मंत्री के मुताबिक, परियोजना के कुछ हिस्सों में अलग-अलग दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक कम लेन में मर्ज हो रहा है। पीक आवर्स में यही मर्जिंग प्वाइंट जाम का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजाइन में भविष्य के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखना जरूरी था।
उन्होंने बारापुला को DND फ्लाईवे, NH-24, रिंग रोड, सराय काले खां, RRTS और मेट्रो-रेल नेटवर्क से जुड़ा कॉरिडोर बताते हुए कहा कि इसे इंटीग्रेटेड नेटवर्क के रूप में देखा जाना चाहिए था।
640 करोड़ के अतिरिक्त भुगतान पर सवाल
PWD मंत्री ने वित्तीय फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि arbitration के जरिए ठेकेदार को करीब ₹640 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किया गया। उन्होंने देरी और बढ़ी लागत की समीक्षा की जरूरत बताई।
सिद्धार्थ एक्सटेंशन के लिए U-Turn का प्रस्ताव
ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए PWD रिंग रोड पर गुरुद्वारे के सामने Dedicated U-Turn/Cut की संभावना तलाश रहा है। इससे सिद्धार्थ एक्सटेंशन के लोगों को ओल्ड बारापुला की ओर जाने के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और लाजपत नगर, INA व AIIMS की ओर आवागमन आसान होगा। इससे गलत दिशा में वाहन चलाने की समस्या घटेगी।
PWD दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ लेन चैनलाइजेशन, मर्जिंग प्वाइंट और रूट मैनेजमेंट पर काम कर रहा है। Google Maps पर रूट अपडेट कराने के लिए अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि ट्रैफिक और स्ट्रक्चरल डिजाइन विशेषज्ञ की नियुक्ति कर कॉरिडोर का अध्ययन कराया जाएगा। विशेषज्ञ तत्काल और दीर्घकालिक समाधान सुझाएंगे। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, लेकिन जनता को परेशानी नहीं झेलनी चाहिए। सरकार का लक्ष्य समस्या कम करना और स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था तैयार करना है।