विश्व मुक्केबाजी रैंकिंग में भारत का दबदबा बरकरार: विश्वा और प्रिया टॉप-3 में, जैस्मीन नंबर-1

-भारतीय मुक्केबाज महिलाओं की 10 में से 9 और पुरुषों की 10 में से 8 भार श्रेणियों में शीर्ष-10 में शामिल

विजय कुमार/ नई दिल्ली, 4 जून!
एशियाई चैंपियन प्रिया घंघास और विश्वनाथ सुरेश ने अपनी-अपनी भार श्रेणियों में शीर्ष-3 में जगह बना ली है, जबकि जैस्मीन लांबोरिया महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में विश्व नंबर-1 बन गई हैं। नवीनतम विश्व मुक्केबाजी रैंकिंग में भारतीय मुक्केबाजों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
भारतीय मुक्केबाज महिलाओं की 10 में से 9 और पुरुषों की 10 में से 8 भार श्रेणियों में शीर्ष-10 में शामिल हैं।
महिला वर्ग में मीनाक्षी ने 48 किग्रा वर्ग में अपना विश्व नंबर-1 स्थान बरकरार रखा है, जबकि प्रीति तीसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और नूपुर (+80 किग्रा) विश्व नंबर-2 पर काबिज हैं, जो भारी भार वर्गों में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। निकहत ज़रीन (51 किग्रा) और लवलीना बोरगोहैन (75 किग्रा) जैसी अनुभवी मुक्केबाज भी विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
पुरुष वर्ग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार निरंतरता दिखाई है। सचिन और नरेंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर शीर्ष-5 में पहुंच गए हैं। हितेश गुलिया (70 किग्रा) ने अपनी विश्व नंबर-6 रैंकिंग बरकरार रखी है, जबकि अभिनाश जमवाल (65 किग्रा) विश्व में आठवें स्थान पर हैं। आकाश (75 किग्रा) और लोकेश (85 किग्रा) भी शीर्ष-10 में शामिल हुए हैं, जिससे विभिन्न भार वर्गों में भारत की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता उजागर होती है।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा,
“ये रैंकिंग पिछले कुछ वर्षों में तैयार की गई मजबूत संरचनाओं और प्रणालियों का प्रतिबिंब हैं। जमीनी स्तर पर प्रतिभा विकास से लेकर उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण तक, हमारा ध्यान प्रतिभाओं की एक मजबूत और स्थायी श्रृंखला तैयार करने पर रहा है।
भारत विश्व की अग्रणी मुक्केबाजी शक्तियों में शामिल हो गया है।”
नवीनतम रैंकिंग भारत की बढ़ती गहराई और निरंतरता को दर्शाती है। विभिन्न भार वर्गों में भारतीय मुक्केबाजों की मजबूत मौजूदगी ने देश को वैश्विक स्तर पर शीर्ष-10 रैंक वाले खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। महिलाओं की मुक्केबाजी में भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि पुरुष वर्ग में चौथे स्थान पर बना हुआ है।
विशेष रूप से, शीर्ष-3 रैंकिंग वाले मुक्केबाजों के आधार पर भारत समग्र रूप से तीसरे स्थान पर है, जबकि महिला वर्ग में विश्व में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह वैश्विक मंच पर भारतीय महिला मुक्केबाजी के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाता है।
भारत की ताकत केवल शीर्ष-10 तक सीमित नहीं है। महिला वर्ग में पर्वीन (60 किग्रा) 13वें स्थान पर हैं, जबकि अंकुशिता बोरो (65 किग्रा) 11वें स्थान पर रहकर शीर्ष-10 से मामूली अंतर से चूक गईं। इसके अलावा सवीटी (75 किग्रा), साक्षी (54 किग्रा), संजू (60 किग्रा) और नीरज फोगाट (65 किग्रा) भी वैश्विक रैंकिंग में प्रतिस्पर्धी स्थान बनाए हुए हैं।
पुरुष वर्ग में अंकुश (80 किग्रा) 11वें, दीपक (70 किग्रा) 12वें, जुगनू (85 किग्रा) 14वें और हर्ष चौधरी (90 किग्रा) 10वें स्थान पर हैं। वहीं सुमित (75 किग्रा) और कुमार नवीन (90 किग्रा) 18वें स्थान पर हैं, जबकि निखिल दुबे (75 किग्रा) और विशाल (90 किग्रा) अपने-अपने वर्गों में संयुक्त रूप से 22वें स्थान पर हैं।
विश्व रैंकिंग में भारत की इस शानदार प्रगति के पीछे अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार मिल रही सफलताएं प्रमुख कारण रही हैं। विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन, विश्व चैंपियनशिप में शानदार पदक जीत और सीनियर तथा आयु वर्ग प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे नतीजों ने भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है। नवीनतम रैंकिंग भारतीय मुक्केबाजी के बढ़ते प्रभाव का एक और सशक्त प्रमाण है।