TMC में घमासान: अब सायोनी-यूसुफ ने छोड़ा दीदी का साथ! संसद और विधानसभा में कमजोर हो रहीं ममता!

-पश्चिम बंगाल विधानसभा में 80 से घटकर 16 पर आई टीएमसी!

हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्ली-कोलकाताः 12 जून।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के जो सांसद और विधायक ममता बनर्जी के नाम पर अपनी जान न्योछावर करने की कसम खाते थे, वह एक-एक करके उन्हें छोड़ते जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब ममता बनर्जी के खिलाफ उनके नेताओं की सेना ही खड़ी नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि टीएमसी सांसद सायोनी घोष और यूसुफ पठान ने भी दीदी का साथ छोड़ दिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई सूचना सामने नहीं आई है। बताया यह भी जा रहा है कि बागी सांसदों के एक गुट ने पहले ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को अपना समर्थन पत्र सोंप दिया है।
बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में दिये गये इस पत्र पर टीएमसी के 19 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। इनमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी राॅय, बापी हलदार, शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार माल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर्रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला राॅय, कालीपर सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मलिया और पार्थ भौमिक के नाम शामिल हैं। चर्चा यह भी है कि टीएमसी के एक और सांसद के इस गुट में शामिल होने के इंतजार में सूची को अंतिम रूप नहीं जा सका है।
राज्यसभा में घट रही टीएमसी सांसदों की संख्या
लोकसभा के साथ ही राज्यसभा में भी टीएमसी के सांसदों की संख्या लगातार घटती जा रही है। गुरूवार को कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सीट से अपना इस्तीफा दिया था। इसके साथ ही राज्यसभा में टीएमसी सांसदों की संख्या घटकर 9 पर आ गई है। इससे पहले प्रकाश बरेक, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। जिसके चलते ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पर अब अस्तित्व का संकट मंडराने लगा है।
विधानसभा में बढ़ी बागियों की संख्या
संसद में ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी ममता बनर्जी के सामने उनकी पार्टी संकट में घिरती जा रही है। बागी विधायकों के गुट का समर्थन कर रहे विधायक रिताब्रता बनर्जी ने दावा किया है कि उनके बागी गुट के विधायकों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। बता दें कि विधानसभा चुनाव में टीएमसी के 80 विधायक जीत कर आये थे। लेकिन अब 64 विधायकों के बागी हो जाने की वजह से पार्टी के विधायकों की संख्या महज 16 रह गई है।
संकट में नाम और चुनाव चिन्ह!
संसद से लेकर विधानसभा तक में टीएमसी नेताओं की बगावत के चलते ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का नाम और उनका चुनाव चिन्ह, दोनों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। चर्चा है कि बागी सांसदों का गुट जल्दी ही निर्वाचन आयोग में जाकर अपने दल को मान्यता देने की मांग करेगा। यदि ऐसा होता है तो ममता बनर्जी पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह गंवा सकती हैं। हालांकि इसके बारे में आधिकारिक तौर पर अभी कोई बयान नहीं आया है। गौरतलब है कि इस तरह की घटना महाराष्ट्र में हो चुकी है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) इसके उदाहरण हैं।