आजिंक्य रहाणे को सन्यास के उपरांत BCCI ने दी भविष्य की शुभकामना

-शानदार रहा आजिंक्य का सफर

विजय कुमार/ नई दिल्ली 30 जुलाई।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अजिंक्य रहाणे के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के निर्णय पर उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए उन्हें बधाई और सम्मान दिया है। लगभग डेढ़ दशक लंबे करियर में रहाणे भारत के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनका शांत स्वभाव, कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने की क्षमता और दबाव के क्षणों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें साथियों, प्रतिद्वंद्वियों और क्रिकेट प्रेमियों का सम्मान दिलाया।
जिस दौर में भारत विश्व की सबसे मजबूत टेस्ट टीमों में शुमार हुआ, उस समय रहाणे विशेष रूप से विदेशी परिस्थितियों में टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर उभरे। क्रीज पर उनकी शानदार बल्लेबाजी शैली, मजबूत तकनीक और कठिन परिस्थितियों में सफल होने का जज्बा उनकी पहचान रही। जब-जब विदेशी धरती पर भारतीय टीम दबाव में आई, रहाणे ने जिम्मेदारी संभालते हुए यादगार पारियां खेलीं। लॉर्ड्स, वेलिंगटन, मेलबर्न, किंग्स्टन और डरबन में लगाए गए उनके शतक भारतीय बल्लेबाजों द्वारा विदेशों में खेली गई सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिने जाते हैं। इन पारियों ने दबाव झेलने, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और अवसर पर खरा उतरने की उनकी क्षमता को साबित किया।
उनके करियर का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रहा। एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट में भारत के केवल 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद टीम बेहद कठिन दौर से गुजर रही थी। ऐसे समय में रहाणे ने कप्तानी संभाली। कोविड-19 महामारी के कारण टीम कई चुनौतियों और प्रतिबंधों का सामना कर रही थी और किसी को भी भारत से वापसी की उम्मीद नहीं थी। लेकिन रहाणे ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में शानदार शतक जड़कर टीम को सीरीज में बराबरी दिलाई।
इसके बाद भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे महान जीतों में से एक दर्ज हुई। रहाणे की शांत और प्रभावशाली कप्तानी में भारत ने चोटों, अनुभवहीन खिलाड़ियों और तमाम मुश्किलों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज की। इसका समापन द गाबा में ऐतिहासिक जीत के साथ हुआ, जहां ऑस्ट्रेलिया का 32 वर्षों से चला आ रहा अजेय रिकॉर्ड टूट गया। रहाणे ने भारत की छह टेस्ट मैचों में कप्तानी की और एक भी मुकाबला नहीं हारे। उनके नेतृत्व में भारत ने चार मैच जीते और दो ड्रॉ खेले। उनकी कप्तानी स्पष्ट सोच, बेहतरीन निर्णय क्षमता और खिलाड़ियों में आत्मविश्वास जगाने के लिए हमेशा याद की जाएगी।
ड्रेसिंग रूम के वरिष्ठ सदस्य के रूप में रहाणे अपनी विनम्रता, पेशेवर रवैये और टीम को हमेशा स्वयं से ऊपर रखने के लिए सम्मानित रहे। उन्होंने मैदान के अंदर और बाहर अपने आचरण से साथियों, विरोधियों और क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीता।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में रहाणे ने 8,000 से अधिक रन बनाए। हालांकि, केवल आंकड़े उनके योगदान को पूरी तरह नहीं दर्शा सकते। उन्होंने भारतीय टीम को भरोसा दिया, दबाव के क्षणों में स्थिरता प्रदान की और अपने समर्पण से हमेशा उदाहरण पेश किया।
बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट में अजिंक्य रहाणे के अमूल्य योगदान के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है। उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता, संघर्षशीलता और खेल भावना ने भारतीय क्रिकेट पर अमिट छाप छोड़ी है और उनकी यात्रा आने वाली पीढ़ियों के क्रिकेटरों को प्रेरित करती रहेगी।
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास ने कहा कि अजिंक्य रहाणे का करियर इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि टीम को हमेशा स्वयं से ऊपर कैसे रखा जाता है। उन्होंने विश्व क्रिकेट की सबसे कठिन परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन कर भारत के सबसे भरोसेमंद विदेशी बल्लेबाजों में अपनी पहचान बनाई। 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उनकी कप्तानी भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार अध्यायों में हमेशा शामिल रहेगी। पहले टेस्ट के बाद उन्होंने युवा टीम की कमान संभाली और असाधारण परिस्थितियों में ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाई, जिसका अंत गाबा में ऐतिहासिक विजय के रूप में हुआ। बीसीसीआई की ओर से मैं अजिंक्य को उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए बधाई देता हूं और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
बीसीसीआई के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि अजिंक्य, जिस तरह आपने भारत का नेतृत्व किया और जिस तरह आपने इस महान खेल को खेला, उस पर आपको गर्व होना चाहिए। आपने हमेशा पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ क्रिकेट खेला, जो हर ड्रेसिंग रूम की सबसे बड़ी पूंजी होती है। आपने हमेशा अपने खेल को अपनी पहचान बनने दिया और हर उस साथी का सम्मान अर्जित किया, जिसके साथ आपने ड्रेसिंग रूम साझा किया। भारतीय क्रिकेट में आपका योगदान केवल आपके बनाए गए रनों तक सीमित नहीं रहा। महत्वपूर्ण पारियों, समझदारी भरी कप्तानी और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर आपने हर उस टीम को मजबूत बनाया, जिसका आप हिस्सा रहे। भारतीय क्रिकेट के लिए आपकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मैं आपका हृदय से धन्यवाद करता हूं।