-पुलिस थाने तक पहुंची निगम पार्षद और विधायक के बीच की लड़ाई
हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 16 जूनः 2026।
दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में एक बार फिर से ‘थप्पड़ कांड’ की गूंज सुनाई दे रही है। पार्टी नेताओं के बीच की लड़ाई खुलकर सड़कों तक आ गई है। अब पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को प्रदेश नेतृत्व की ओर से कार्रवाई का इंतजार है। घटना के 36 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बावजूद पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक किसी कार्रवाई का संकेत सामने नहीं आया है।
मामला वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक पूनम भारद्वाज और इसी विधानसभा क्षेत्र के अशोक विहार वार्ड से निगम पार्षद वीना असीजा के बीच हुए ‘थप्पड़ कांड’ का है। बताया जा रहा है कि स्थानीय सांसद प्रवीण खंडेलवार के सामने यह घटना घटी थी। दरअसल 16 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने पर वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्वाभिमान अपार्टमेंट में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में स्थानीय सांसद प्रवीण खंडेलवाल, विधायक पूनम भारद्वाज और निगम पार्षद वीना असीजा सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद थे।
आरोप है कि कार्यक्रम के समापन के पश्चात विधायक पूनम भारद्वाज ने निगम पार्षद वीना असीजा को थप्पड़ जड़ दिया और धमकाते हुए अपनी गाड़ी में बैठकर चली गईं। कुछ लोगों का आरोप है कि घटना के समय दूसरी ओर कुछ ही दूरी पर सांसद प्रवीण खंडेलवाल भी मौजूद थे। परंतु वह इस पर ध्यान दिये बिना वहां से चले गये। घटना के बाद पीड़ित निगम पार्षद ने इसकी लिखित शिकायत अशोक विहार थाने में देकर कार्रवाई की मांग की है।
इससे पहले भी पुलिस में की गई विधायक के पति और ससुर के खिलाफ शिकायत
बताया जा रहा है कि वजीरपुर से विधायक पूनम भारद्वाज और अशोक विहार से निगम पार्षद वीना असीजा के परिवारों के बीच पुरानी अदावत है। यह अदावत पार्टी की ओर से निगम उपचुनाव में वीना असीजा का टिकट दिये जाने के समय से चली आ रही है, जो कि अब खुलकर सबके सामने आ गई है। वीना असीजा की ओर से इससे पहले भी अशोक विहार थाने में एक शिकायत विधायक पूनम भारद्वाज के पति अशोक भारद्वाज के खिलाफ दी गई थी। इस शिकायत के साथ व्हाट्सएप काॅल पर उनके बेटे को धमकी दिये जाने का रिकार्डिंग भी दी गई थी। पुरानी शिकायत पर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी और इसके पश्चात मंगलवार को थप्पड़ कांड की एक नई घटना घट गई।
निगम उपचुनाव में विधायक के पति ने की थी टिकट की दावेदारी
बता दें कि पूनम भारद्वाज विधायक बनने से पहले अशोक विहार सीट से ही निगम पार्षद थीं। 2025 में उनके विधायक चुने जाने के बाद निगम की यह सीट खाली हो गई थी। निगम की 12 खाली सीटों पर नवंबर 2025 में उपचुनाव हुए थे। पूनम भारद्वाज के ससुर सुरेश भारद्वाज 2007 से 2012 तक निगम पार्षद रह चुके हैं और नवंबर 2025 में निगम उप चुनाव में भी उन्होंने अशोक विहार सीट से टिकट की दावेदारी की थी। परंतु पार्टी नेतृत्व ने सुरेश भारद्वाज के बजाय निगम चुनाव में वीना असीजा को टिकट दिया था। आरोप यह भी है कि उपचुनाव के दौरान विधायक के परिवार ने वीना असीजा को हराने की भरपूर कोशिश की थी। यही कारण है कि जिस सीट पर स्वयं पूनम भारद्वाज निगम चुनाव भारी मतों से जीती थीं, उसी सीट पर वीना असीजा को महज 405 वोट से जीत हासिल हुई थी।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था ‘लड़ोगी तो नहीं..काम करोगी?’
बता दें कि नवंबर 2025 में हुए निगम उपचुनाव में वीना असीजा के चुनाव प्रचार के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आई थीं। उन्होंने स्टेज पर ही वीना असीजा और पूनम भारद्वार के हाथ मिलवाये थे और दोनों से सार्वजनिक तौर पर पूछा था कि ‘आपस में लड़ोगी तो नहीं.. काम करोगी?’ लेकिन सीएम रेखा गुप्ता के द्वारा दोनों महिला नेताओं को ‘आपस में नहीं लड़ने’ की नसीहत दिये 6 महीने ही गुजरे हैं कि यह थप्पड़ कांड की घटना सामने आ गई है।


