परिवहन और जाम की समस्या से निजात दिलायेगा मोदी सरकार का बजटः बिधूड़ी

-बजट में है दिल्ली की सभी समस्याओं को हल करने पर फोकसः रामवीर सिंह

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 3 फ़रवरी।
दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 2026-27 के आम बजट में दिल्ली के परिवहन, पीने के पानी, स्वास्थ्य, प्रदूषण और कानून-व्यवस्था पर खास ध्यान दिया गया है। इनसे दिल्ली की जनता का जीवन स्तर बेहतर होगा बल्कि नई योजनाओं से रोजगार और विकास के रास्ते भी खुलेंगे। इस मौके पर दिल्ली भाजपा मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर और कार्यालय मंत्री बृजेश राय भी उपस्थित थे।
बिधूड़ी ने कहा कि आम बजट में परिवहन पर सबसे ज्यादा फोकस है जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन शामिल है। आवागमन में सुविधा से न केवल लोगों का समय और पैसा बचता है बल्कि रोजगार बढ़ता है और अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि बजट में पूरे देश में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का 6 लाख करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें से 27328 करोड़ रुपए की योजनाएं केवल दिल्ली के लिए ही हैं। इनमें शिवमूर्ति से महिपालपुर तक टनल और एम्स से महिपालपुर तक एलिवेटिड रोड शामिल हैं। इन दोनों योजनाओं पर क्रमशः 3500 और 5000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा पंजाबी बाग से टीकरी बॉर्डर तक बनाए जाने वाले रोड पर 1504 करोड़ रुपए, आश्रम से बदरपुर तक बनने वाली रोड पर 513 करोड़ रुपए और महरौली से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक बनने वाली रोड पर 1461 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अर्बन एक्सटेंशन रोड यानी यूईआर से जुड़ने वाली सड़कों पर भी 15000 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के बजट में रेलवे ने दिल्ली के लिए 2711 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। 2009 से 2014 के बीच दिल्ली को रेलवे औसतन 96 करोड़ रुपए की योजनाएं ही देता रहा है। अब 28 गुना ज्यादा राशि का प्रावधान किया गया है। बिधूड़ी ने कहा कि इस समय दिल्ली में 8976 करोड़ रुपए की रेलवे की योजनाओं पर काम हो रहा है जिसमें 13 स्टेशनों का कायाकल्प भी शामिल है। इस समय दिल्ली से 14 वन्देभारत ट्रेन और 8 अमृत भारत ट्रेन चल रही हैं। दिल्ली में अब रेलवे का पूरी तरह इलेक्ट्रिफिकेशन हो गया है और नए 14 फ्लाई ओवर और अंडरपास बनाए गए हैं।
बिधूड़ी ने कहा कि बजट में दिल्ली से वाराणसी के बीच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान हुआ है। दिल्ली से वाराणसी तक का सफर 3.5 घंटे में पूरा करेगी। रीजनल रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को इस बार 2,200 करोड़ रुपये का बजट मिला है। बजट में आवंटित राशि से दिल्ली-अलवर कारिडोर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इसके अलावा देशभर में मेट्रो विस्तार के लिए 28695 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से दिल्ली मेट्रो को भी बड़ा हिस्सा मिलेगा। इससे चौथे फेज में निर्माणाधीन आरके आश्रम-कृष्णा पार्क, तुगलकाबाद-एरोसिटी, मजलिस पार्क-शिवविहार, नरेला-रिठाला, इंद्रलोक- इंद्रप्रस्थ और लाजपत नगर-साकेत जी ब्लाक के काम में तेजी आएगी। इसके साथ ही पांच-ए फेज के लिए मंजूर आरके आश्रम-इंद्रप्रस्थ, तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज और एरोसिटी से आइजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनलकृवन कॉरिडोर का काम शुरू करने में मदद मिलेगी। दूषण नियंत्रण के लिए 1,091 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस प्रकार पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अभी 237 करोड़ रुपए अधिक रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे केंद्र सरकार के अस्पतालों को भी अब अधिक बजट दिया गया है जिससे दिल्लीवालों को और बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी। केंद्र सरकार के 5 प्रमुख अस्पतालोंकृएम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग, कलावती सरन को लगभग 10,122 करोड़ का भारी भरकम आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष से लगभग 1,185 करोड़ रुपए अधिक है। इससे अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक मरीजों की देखभाल बेहतर हो पाएगी। अकेले एम्स को ही 5,500 करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बेहतर कानून व्यवस्था और दिल्ली पुलिस को हाई टेक बनाने के लिए इस बार 12,846 करोड़ 13 लाख रुपये दिए गए हैं। यह पिछले वर्ष से 307 करोड़ 13 लाख रुपये अधिक है। इसके अलावा दिल्ली में जल आपूर्ति सुधारने के लिए चंद्रावल वाटर वर्क्स प्रोजेक्ट को केंद्र से 380 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
बिधूड़ी ने कहा कि बजट में दिल्ली अर्बन आर्ट कमिशन का बजट 5 करोड़ 78 लाख रुपये, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के लिए 470 करोड़ रुपये, राजघाट समाधि समिति और कैंटीन के लिए आठ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इग्नू यूनिवर्सिटी और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर को पिछले साल के मुकाबले 10-10 करोड़ ज्यादा दिए गए हैं। 1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए मुआवजा बढ़ाने के मद में 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं में भी दिल्ली को बड़ी हिस्सेदारी मिलने वाली है। सासकी स्कीम (Special Assistance to States for Capital Investment) के अंतर्गत आने वाले तीन राज्यों दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी के लिए पहले 6,275 करोड़ रुपये का बजट होता था, अब उसे बढ़ाकर 15,380 करोड़ रुपये कर दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का बजट भी बढ़ाया गया है। पिछले वर्ष यह 12483 करोड़ था, अब 13611 करोड़ रुपए किया गया है।