-अंधेरगर्दीः टेंडरिंग नियमों को पलीता लगाकर बकायेदार को नये पार्किंग साइट्स का पजेशन दिलाने जा रहे अधिकारी!
-मई 2025 से भुगतान नहीं कर रहा ठेकेदार, आरपी सेल के अफसरों ने वसूली के लिए नहीं की कोई कार्रवाई!
-झूठा ‘NO DUES’ सर्टिफिकेट और एफीडेविट दिये जाने के बावजूद एमसीडी अफसरों ने ठेकेदार के खिलाफ नहीं की कार्रवाई
हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 03 मई, 2026।
दिल्ली नगर निगम की छवि को उसी के अधिकारी लगातार दागदार बनाये हुए हैं। एमसीडी में भ्रष्टाचार का खेल इस कदर हावी है कि एमसीडी अधिकारी अपने बनाये हुए नियमों को ही खुलेआम पलीता लगा रहे हैं। ताजा मामला एमसीडी के आरपी सेल से जुड़ा है। आरपी सेल के कुछ अधिकारियों ने एक ऐसे ठेकेदार को दो नये पार्किंग साइट के एलओआई जारी कर दिये हैं जिसकी ओर एमसीडी का करीब 6 करोड़ रूपये बकाया है। अब यही अधिकारी दोनों नये पार्किंग साइट्स का पजेशन उसी बकायेदार ठेकेदार को दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाये हुए हैं। मामले की शिकायत निगम आयुक्त के साथ ही पीएमओ और गृह मंत्रालय तक पहुंच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में एमसीडी ने 63 पार्किंग साइट्स के लिए निविदाएं आमंत्रित की थीं। पिछली बार की तरह ही एमसीडी के कुछ अधिकारियों ने इस बार भी पहले तो टैक्नीकल बिड खोले जाने के बाद फाइनेंशियल बिड खोले जाने में लगातार देरी की। इसके पश्चात कुछ पार्किंग साइट्स के मामले में सारे कायदे-कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। ऐसा ही एक मामला कश्मीरी गेट इलाके के सूखा पेड़ और सदर बाजार इलाके के एसपी जोन बिल्डिंग पार्किग साइट से जुड़ा सामने आया है।
यह दोनों पार्किंग साइट मै. जय गणेशा एंटरप्राइजेज को अलाॅट की गई हैं। एमसीडी अधिकारियों ने इस ठेकेदार को दोनों नये पार्किंग के एलओआई भी जारी कर दिये हैं। अब यही अधिकारी इस ठेकेदार को दोनों पार्किंग साइट का पजेशन दिलाने के लिए एड़ी-चोटी क जोर लगाये हुए हैं। बता दें कि टेंडरिंग प्रक्रिया में यह शर्त भी लगाई गई थी कि यदि किसी ठेकेदार की ओर पेहले से एमसीडी का कोई बकाया है तो वह टेंडरिंग में भाग नहीं ले सकता और उसका अलाॅटमेंट रद्द कर दिया जायेगा।
गौरतलब है कि मै. जय गणेशा एंटरप्राईजेज के पास ‘मंगलम पैलेस एम2के रोहिणी’ पार्किंग साइट है। इस पार्किंग की मासिक लाइसेंस फीस 31,85,789 रूपये है। जो कि हर महीने एमसीडी के खाते में जमा करानी होती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 13.03.2026 तक मै. जय गणेशा एंटरप्राईजेज की ओर 04,63,27,773 रूपये बकाया थे। जोकि अब तक बढ़कर करीअब सवा 5 करोड़ रूपये से ज्यादा हो गये हैं। ठेकेदार ने मई 2025 से मासिक लाइसेंस फीस नहीं चुकाई है। बताया यह भी जा रहा है कि इस ठेकेदार की ओर एमसीडी के एक और पार्किंग साइट का करीब 40 लाख रूपये बकाया है।
सबसे बड़े आश्चर्य की बात है कि करीब 6 करोड़ रूपये की बकायेदारी के बावजूद मै. जय गणेशा एंटरप्राईजेज के मालिक ने एमसीडी की टेंडर प्रक्रिया में भाग भी लिया और दो नये पार्किंग साइट अलाॅट भी करा लिये और एमसीडी अधिकारियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी। या फिर यह कहा जाये कि कुछ भ्रष्ट अफसरों ने जानबूझकर इस ठेकेदार का साथ दिया और इसे दो नये पार्किंग साइट अलाॅट कर दिये। नियमानुसार यह टेंडर प्रक्रिया और अलाॅटमेंट गलत है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए था। परंतु अब वही भ्रष्ट अफसर मिलीभगत के जरिये करोड़ों के बकायेदार को सारे नियमों को ताक पर रखकर नये पार्किंग साइट का पजेशन दिलाने में जुटे हैं।
खास बात यह है कि मामले की शिकायत निगम आयुक्त संजीव खिरवार के साथ ही पीएमओ और गृह मंत्रालय को भी की गई है। ठेकेदार ने एमसीडी की टेंडर प्रक्रिया में ‘नो ड्यूज’ का झूठा एफीडेविट और लेटर हेड पर सर्टिफिकेट दिया है। मामला संज्ञान में आने के बावजूद अधिकारियों ने अभी तक ठेकेदार के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की है और नाही अभी तक दोनों पार्किंग की टेंडर प्रक्रिया को रद्द किया है।
मामले में आला अधिकारियों की चुप्पी
एटूजेड न्यूज ने इस मामले में एमसीडी के आला अधिकारियों से निगम का पक्ष जानना चाहा। इसकेे लिए एसी श्री आर.के. भार्गव, एडीसी श्री राजीव दहिया और एडीशनल कमिश्नर श्री सतेंद्र दुरसावत को काॅल और मैसेज के जरिये जानकारी मांगी गई। परंतु अधिकारियों ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पहले भी हुई हेराफेरी, हो चुकी है CBI व ACB की छापेमारी
एमसीडी के आरपी सेल के अधिकारियों के ऊपर समय समय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। एमसीडी ने जुलाई-अगस्त 2025 में भी 82 पार्किंग स्थलों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। टैक्नीकल बिड खोले जाने के बाद फाइनेंशियल बिड खोले जाने में लगातार देरी की गई थी। तब भी कुछ अधिकारियों के ऊपर पार्किंग माफिया के साथ मिलीभगत के आरोप लगे थे। कुछ बड़े पार्किंग स्थलों को ‘सैटिंग’ के जरिये ‘पूल’ में दिये जाने की चर्चाओं ने काफी जोर पकड़ा था। बता दें कि भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर 15 जुलाई, 2025 को सीबीआई ने सिविक सेंटर की 25 वीं मंजिल पर स्थित आरपी सेल के पार्किंग विभाग में कई घंटों तक छापेमारी की थी। इसके बाद एंटी करप्शन ब्रांच के अधिकारियों ने भी कुछ लोगों से पूछताछ की थी। अब एक बार फिर से एमसीडी के आरपी सेल में उसी तरह का माहौल बनता नजर आ रहा है।


