MCD में ‘माफिया-राज’: अवैध बस अड्डे के साथ ठेकेदार ने पार्टीशन कर निजी एजेंसी के हवाले की आधी पार्किंग!

-अफसरों की मिलीभगत या भागीदारी?, नहीं जमा कराई जुर्माने की राशि

हीरेंद्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 10 मई, 2026।
भले ही जांच ऐजेंसियों की कार्रवाई दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ जारी हो, परंतु एमसीडी में माफिया-राज पर नकेल कसना मुश्किल नजर आ रहा है। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एमसीडी के एक पार्किंग ठेकेदार ने नियमों के खिलाफ जाकर एक पार्किंग में पार्टीशन करके आधा हिस्सा एक निजी कंपनी/ व्यक्ति को अवैध रूप से ‘सबलेट’ कर दिया, एक हिस्से में अवैध रूप से एक निजी बस सेवा प्रदान करने वाली कंपनी का बस अड्डा खुलवा दिया। करीब एक माह पूर्व पार्किंग साइट में अवैध गतिविधियों के खिलाफ एमसीडी ने जब जुर्माना की कार्रवाई के लिए नोटिस दिया तो ना तो वो जुर्माना जमा कराया और नाही उसका कोई जवाब दिया।
मामला शाहदरा दक्षिणी जोन में स्थित ‘इन फ्रंट आॅफ सेंट्रल वेयर हाउस गाजीपुर बैक साइड आॅफ एस.के.बैंकट हाॅल पार्किंग’ से जुड़ा है। इस पार्किंग साइट के ठेकेदार ने लगभग आधा पार्किंग ऐरिया एक निजी कंपनी/ व्यक्ति को अवैध रूप से मोटे मासिक शुल्क पर स्थायी तौर पर किराये पर दे दिया है। पार्किंग के इस क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अपनी गाड़ी पार्क नहीं कर सकता। इस क्षेत्र में महिंद्रा कंपनी की नई गाड़ियां खड़ी करने के लिए पार्किग साइिट में विशेष रूप से पार्टीशन कराया गया है। ताकि कोई भी सामान्य व्यक्ति अपनी गाड़ी को पार्क करने के लिए इस क्षेत्र में नहीं घुस सके।
इसी पार्किंग साइट के एक बड़े क्षेत्र को इसके ठेकेदार एम.एस.काॅट्रेक्टर ने एक निजी बस सेवा प्रदान करने वाली कंपनी को अवैध रूप से किराये पर दे दिया है। इस बस सेवा प्रदाता कंपनी का यहां बुकिंग एवं अराइवल/ डिपार्चर सेवा का कार्यालय स्थायी तौर पर खोला गया है। यहां से दर्जनों बसें रोजाना सवारियों को किसी सरकारी बस अड्डे की तरह लेकर जाती और आती हैं। जबकि नियमानुसार इस पार्किंग साइट का उपयोग केवल वाहनों की पार्किंग के लिए ही किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक एमसीडी की ओर से ठेकेदार एम.एस.कोॅट्रेक्टर को लगभग एक माह पूर्व पार्किंग साइट पर अवैध गतिविधियां चलाने क लिए जुर्माने की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया था। परंतु पार्किंग माफिया की हेकड़ी देखिये कि ठेकेदार ने ना तो कोई जुर्माना जमा कराया और नाही नोटिस का कोई जवाब दिया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्किंग माफिया का गठजोड़ कितने बड़े स्तर तक के एमसीडी अधिकारियों के साथ हो सकता है?
आज ही होगी दंडात्मक कार्रवाईः यादव
मामले में जब शुक्रवार को एमसीडी का पक्ष जानने के लिए प्रेस एवं सूचना निदेशक अनिल यादव से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत मिली है, आज ही पार्किंग साइट का निरीक्षण करके मामले की जांच करके ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। जांच के उपरांत ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई एवं पैनल्टी लगाई जायेगी, ताकि निगम की आथराइज्ड पार्किंग में इस प्रकार की गतिविधियों को बंद कराया जा सके।