-आशीष टानी पूर्ति की हैट्रिक और कप्तान केतन कुशवाहा (30′) के गोलों की बदौलत टीम इंडिया का 4-1 से स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा
एसएस ब्यूरो/ काकामिगाहारा (जापान), 6 जून!
भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को जापान के काकामिगाहारा में खेले गए फाइनल मुकाबले में मेजबान जापान को 4-1 से हराकर पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।
आशीष टानी पूर्ति (2′, 28′, 34′) ने शानदार हैट्रिक जमाई, जबकि कप्तान केतन कुशवाहा (30′) ने भी एक गोल दागा। भारतीय टीम ने मेजबानों के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता। जापान के लिए मुकाबले का एकमात्र गोल नुमादा गाकू (52′) ने किया।
टीम की इस उपलब्धि को सम्मानित करते हुए हॉकी इंडिया ने स्वर्ण पदक विजेता भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। हॉकी इंडिया ने इससे पहले दिन में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 1 लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 50,000 रुपये देने की भी घोषणा की।
फाइनल में शानदार प्रदर्शन के लिए आशीष टानी पूर्ति को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इसके साथ ही उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल दागकर ‘टॉप स्कोरर’ का सम्मान भी हासिल किया। भारत ने व्यक्तिगत पुरस्कारों में भी दबदबा कायम रखा, जहां गोलकीपर आयुष रजक को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया। महिला प्रतियोगिता में भारत की नौशीन नाज़ ने 12 गोल के साथ टॉप स्कोरर का सम्मान हासिल किया। इस तरह पुरुष और महिला अंडर-18 एशिया कप 2026 भारत के लिए यादगार साबित हुआ।
पहले क्वार्टर में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले 90 सेकंड के भीतर ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया। आशीष टानी पूर्ति (2′) ने कोई गलती नहीं की और गोल कर भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद जापान ने वापसी की कोशिश की और चार बार भारतीय सर्कल में प्रवेश किया, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति मजबूती से डटी रही। पहला क्वार्टर भारत के 1-0 की बढ़त के साथ समाप्त हुआ।
दूसरे क्वार्टर में मेजबान टीम के लगातार दबाव के बावजूद भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। जापान को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने बराबरी का गोल करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
भारत ने इसका जवाब 28वें मिनट में अपने पेनल्टी कॉर्नर से दिया। आशीष टानी पूर्ति ने एक बार फिर शानदार स्ट्राइक लगाकर गेंद को जाल में पहुंचाया और स्कोर 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद भारत ने अपनी बढ़त और बढ़ाई। प्रह्लाद राजभर ने खतरनाक क्षेत्र में गेंद छीनी, तेजी से आगे बढ़े और कप्तान केतन कुशवाहा (30′) को पास दिया, जिन्होंने शानदार फिनिश के साथ भारत को हाफटाइम तक 3-0 की बढ़त दिला दी।
तीसरे क्वार्टर में भी भारत का दबदबा जारी रहा। वरिंदर सिंह की बेहतरीन दौड़ के बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और आशीष टानी पूर्ति ने 34वें मिनट में अपना तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की तथा भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
अंतिम क्वार्टर में जापान ने जोरदार वापसी की कोशिश की और 52वें मिनट में नुमादा गाकू ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर अंतर 4-1 कर दिया। हालांकि यह गोल केवल सांत्वना भर साबित हुआ। मैच के अंतिम चरण में जापान को तीन और पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति को भेदने में वह नाकाम रहा। इसके साथ ही भारत ने शानदार जीत दर्ज करते हुए एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया।


