भारत को मिली 2032 साइकिलिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी

-पुणे में होगा दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित साइकिलिंग प्रतियोगिताओं में से एक का आयोजन
-नीदरलैंड्स को पीछे छोड़कर भारत ने हासिल किए अधिकार

विजय कुमार/ नई दिल्ली, 24 सितंबर।
भारत ने 2032 साइकिलिंग रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी के अधिकार हासिल कर लिए हैं। अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग महासंघ (यूसीआई) ने बुधवार देर रात कनाडा के मॉन्ट्रियल में इसकी घोषणा की। भारत ने मेजबानी की दौड़ में नीदरलैंड को पीछे छोड़ा।
पुणे को 2032 वर्ल्ड चैंपियनशिप के आयोजन के लिए चुना गया है। शहर ने इसी साल जनवरी में पुणे ग्रैंड टूर की सफल मेजबानी की थी और अब वह एक बार फिर देश में बड़े अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग आयोजनों के केंद्र के रूप में सामने आएगा।
यूसीआई अध्यक्ष डेविड लैपार्टिएंट ने मॉन्ट्रियल में यूसीआई कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘हमें रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए दो शानदार बोलियां मिली थीं। यूसीआई प्रबंधन समिति ने पहली बोली पुणे और दूसरी नीदरलैंड के ग्रोनिंगन शहर तथा ड्रेंथे क्षेत्र को देने का फैसला किया।’’
साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) के महासचिव मनिंदर पाल सिंह ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ‘‘यूसीआई ने भारत को यह सम्मान देकर देश के हर साइकिल प्रेमी का सपना पूरा किया है। मैं घोषणा करता हूं कि 2032 चैंपियनशिप अब तक की सबसे बड़ी और भव्य वर्ल्ड चैंपियनशिप होगी।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘यह सिर्फ भारत के साइकिल प्रेमियों का नहीं, बल्कि हर भारतीय का सपना था। यह हमारे लिए दुनिया के सामने भारत की बढ़ती ताकत और क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर है। हमारा अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में किसी भारतीय को पोडियम पर देखना है और यह उसी दिशा में हमारा पहला बड़ा कदम है।’’
भारत के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मॉन्ट्रियल में यूसीआई के समक्ष पुणे की तैयारियों और आयोजन की क्षमता पर अंतिम प्रस्तुति दी, जिसके बाद भारत की दावेदारी को मंजूरी मिली। इससे पहले इसी महीने यूसीआई की तीन सदस्यीय निरीक्षण टीम ने पुणे का दौरा कर उपलब्ध और प्रस्तावित रेस इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लिया था।
मनिंदर पाल सिंह ने कहा कि यह आयोजन पुणे और पूरे भारत के लिए एक तोहफा होगा। उन्होंने कहा कि भारत इस चैंपियनशिप के जरिए अपनी ‘अतिथि देवो भव’ की भावना को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना चाहता है।