दागी अधिकारियों के दम पर दिल्ली बनेगी विश्वस्तरीय इनोवेशन और औद्योगिक इकोसिस्टम का केंद्र?

-मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने किया दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हैदराबाद के टी-वर्कस, टी-हब और फ्यूचर सिटी का दौरा

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली-हैदराबाद, 17 अगस्त।
दिल्ली सरकार में उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को तेलंगाना के हैदराबाद स्थित टी-वर्कस, टी-हब और फ्यूचर सिटी का दौरा किया। उनके साथ दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी सज्जन सिंह यादव सहित कई अधिकारी गए हैं। इसी प्रतिनिधि मंडल में डीएसआईआईडीसी के इंजीनियर इन चीफ एसएन सरन भी शामिल रहे। गौरतलब है कि एसएन सरन को डीएसआईआईडीसी में पिछले कुछ वर्षों में हुए कुछ कार्यों में हुई हेरा-फेरी को लेकर पिछले वर्ष ही एफआर-56(जे) के तहत सेवा निवृत्ति का आदेश दिया गया था। परंतु विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों ने ‘एमडी को एफआर-56(जे) का आदेश जारी करने के लिए सक्षम अधिकारी नहीं मानते हुए’ उस आदेश को रद्द कर दिया था। उसी आदेश में डीएसआईआईडीसी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स को यह आदेश भी दिया गया था कि डीओपीटी की गाइडलाइंस के तहत उस मामले में दोबारा कमेटी का गठन किया जाये। परंतु अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ऐसे दागी अधिकारियों के रहते डीएसआईआईडीसी के काम पारदर्शिता के साथ हो सकेंगे?
हालांकि दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने और सॉफ्टवेयर के साथ-साथ नए क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा फोकस केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के युवाओं को अपने विचारों और कौशल को सफल उद्यमों में बदलने, रोजगार सृजित करने और स्वयं रोजगारदाता बनने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगे कहा कि नवाचार और विनिर्माण से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं तक व्यापक पहुंच दिल्ली के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर सकती है। विद्यार्थियों, इंजीनियरों, नवप्रवर्तकों और उद्यमिता की आकांक्षा रखने वाले युवाओं को आधुनिक उपकरण, तकनीकी विशेषज्ञता, मेंटरशिप और उद्योग जगत से जुड़ाव उपलब्ध कराकर ऐसे इकोसिस्टम के माध्यम से विचारों को उत्पादों, स्टार्टअप्स और टिकाऊ व्यवसायों में बदला जा सकता है। इससे युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनने का अवसर मिलेगा तथा उभरते तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्रों में कुशल रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना सचिवालय का भी दौरा किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ औद्योगिक पार्कों के बुनियादी ढांचे, भूमि आवंटन, विकास की प्रक्रियाओं और औद्योगिक भूमि के प्रभावी उपयोग को लेकर चर्चा की। इस दौरे से दिल्ली सरकार के प्रतिनिधिमंडल को हार्डवेयर प्रोटोटाइपिंग, सॉफ्टवेयर उद्यमिता, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और भविष्य के लिए तैयार शहरी विकास को एकीकृत करने वाले इकोसिस्टम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी और अनुभव प्राप्त हुआ। दिल्ली सरकार इन मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें राजधानी की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने की संभावनाओं पर विचार करेगी। इसका उद्देश्य दिल्ली में एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, नवाचार-आधारित और रोजगार-केंद्रित औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण करना है।