-रोमांचक फाइनल मुकाबले में लेह किंग्स को 6-5 से हराया
विजय कुमार/लेह, लद्दाखय 7 अगस्त।
पहले ‘राॅयल एनफील्ड चैलेंजर्स कप’ का समापन बेहद रोमांचक अंदाज में हुआ, जहां भारतीय सेना की आइस हॉकी टीम ने लेह के नवांग दोर्जे स्टोबदान (एनडीएस) स्टेडियम में खेले गए फाइनल में लेह किंग्स को 6-5 से हराकर टूर्नामेंट का पहला खिताब अपने नाम किया।
आइस हॉकी लीग के उभरते खिलाड़ियों से बनी लेह किंग्स ने देश की सबसे सफल आइस हॉकी टीम को अंत तक कड़ी चुनौती दी। हालांकि अंतिम क्षणों में पद्मा नामग्याल ने फुंटसोग नामग्याल के पास पर विजयी गोल दागकर भारतीय सेना की टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
लेह किंग्स ने शानदार शुरुआत करते हुए मुसीजाक अहमद गिरी के सटीक पास पर त्सेरिंग आंगचुक के गोल की बदौलत बढ़त बनाई। भारतीय सेना ने तुरंत जवाब देते हुए फुंटसोग नामग्याल के पास पर दोरजे आंगचुक के जरिए बराबरी हासिल की। इसके बाद जिग्मथ कुंजांग ने पद्मा नामग्याल की सहायता से गोल कर टीम को 2-1 की बढ़त दिलाई और पहला पीरियड इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।
दूसरे पीरियड की शुरुआत में स्टांजिन नामग्याल के पास पर रिगजिन नोरबू ने गोल कर बढ़त 3-1 कर दी। लेकिन लेह किंग्स ने शानदार वापसी की। स्टांजिन आंगचोक ने स्टांजिन लोटस और मुसीजाक अहमद गिरी की सहायता से लगातार दो गोल दागकर मुकाबला 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद रिगजिन नोरबू ने अपना दूसरा गोल कर भारतीय सेना को फिर बढ़त दिलाई, लेकिन लेह किंग्स ने एक बार फिर जवाब देते हुए त्सेरिंग आंगचुक के पास पर चंबा त्सेतान के गोल से स्कोर 4-4 कर दिया और दोनों टीमें अंतिम पीरियड में बराबरी के साथ पहुंचीं।
तीसरे पीरियड की शुरुआत के महज 60 सेकंड बाद स्टांजिन आंगचोक ने अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए लेह किंग्स को 5-4 की बढ़त दिला दी। हालांकि दबाव की स्थिति में भारतीय सेना ने अपने अनुभव का परिचय दिया। जिग्मथ कुंजांग ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 5-5 कर दिया और फिर फुंटसोग नामग्याल के पास पर पद्मा नामग्याल ने निर्णायक गोल दागकर टीम को 6-5 की रोमांचक जीत दिलाई।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के गोलकीपर सोनम त्सेतान को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया, जबकि लेह किंग्स के फॉरवर्ड त्सेरिंग आंगचुक को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।
लेह किंग्स ने चैंपियन टीम के खिलाफ जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने हिमालयी क्षेत्र में आइस हॉकी की नई पीढ़ी की तेजी से हो रही प्रगति को उजागर किया। इस टूर्नामेंट का आयोजन आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ लद्दाख और आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ लाहौल एवं स्पीति के सहयोग से किया गया। इसमें पांच टीमों ने राउंड-रॉबिन प्रारूप में हिस्सा लिया, जिनमें से शीर्ष दो टीमें फाइनल में पहुंचीं। प्रतियोगिता में लेह किंग्स, कारगिल वॉरियर्स, स्पीति टाइटंस, भारतीय सेना की आइस हॉकी टीम और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की सेंट्रल आइस हॉकी टीम शामिल थीं।
टूर्नामेंट के दौरान 1 से 4 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक तीनों क्षेत्रीय टीमों के लिए विशेष ऑन-आइस प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जहां अनुभवी कोचों ने खिलाड़ियों की तकनीकी और रणनीतिक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद की। भारतीय सेना की आइस हॉकी टीम के कप्तान त्सेवांग नामग्याल ने कहा कि हम बड़े दर्शक समूहों के सामने खेलने के आदी हैं, लेकिन लद्दाख और स्पीति के युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसा मंच उनके करियर को बदल सकता है। पर्यटन सीजन के दौरान चैलेंजर्स कप आयोजित होने से इन खिलाड़ियों को हजारों दर्शकों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, जिनमें से कई पहली बार आइस हॉकी देख रहे थे। इस तरह की पहचान खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल उन्हें पहचान मिलती है बल्कि हिमालय में विकसित हो रही भारतीय आइस हॉकी को भी नई पहचान मिलती है। इस टूर्नामेंट में शामिल हर टीम ने इस माहौल और मंच का भरपूर लाभ उठाया।


