‘दिल्ली ईवी सब्सिडी पोर्टल’ लॉन्च, ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी’ पुस्तिका जारी

-इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बाद सब्सिडी पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी के लिए घर बैठे ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन
-रियल-टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन और 60 दिनों में डीबीटी के माध्यम से मिलेगी सब्सिडी

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘दिल्ली ईवी सब्सिडी पोर्टल’ (ीजजचेरूध्ध्मअेनइेपकल.कमसीप.हवअ.पद) का शुभारंभ किया। दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026’ की आधिकारिक पुस्तिका का विमोचन भी किया। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ, आधुनिक और सतत परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2026’ स्वच्छ वायु, प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा सुरक्षा और हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में दिल्ली सरकार का एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी कदम है।
इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, परिवहन आयुक्त निहारिका राय सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। रेखा गुप्ता ने बताया कि लगभग एक वर्ष तक विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई इस नीति में खरीद एवं स्क्रैपिंग इंसेंटिव, चरणबद्ध अनिवार्य लक्ष्य (मैंडेट), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रीसाइक्लिंग और ई-वेस्ट प्रबंधन सहित संपूर्ण ईवी इकोसिस्टम को शामिल किया गया है। यह नीति आम नागरिक को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया, निजी कारों और वाणिज्यिक (कमर्शियल) वाहनों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। साथ ही एन-1 और एन-2 श्रेणी के वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
रेखा गुप्ता ने बताया कि ईवी पोर्टल के माध्यम से पात्र लाभार्थी वाहन खरीदने और आरसी प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 60 दिनों के भीतर डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली ईवी सब्सिडी पोर्टल को नागरिकों के लिए सरल, तेज, पारदर्शी एवं पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है ताकि पात्र लाभार्थी घर बैठे ही सभी सेवाओं का लाभ उठा सकें। पूरी प्रक्रिया पेपरलेस, पारदर्शी और सिटीजन सेंट्रिक बनाई गई है।
पोर्टल पर आवेदक अपने आवेदन की प्रत्येक चरण की स्थिति रियल-टाइम में ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी), मतदाता पहचान पत्र आदि सुरक्षित रूप से ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे, जबकि संस्थानों के लिए जीएसटीआईएन, पैन और बैंक विवरण अपलोड करने की सुविधा भी दी गई है।