-दिग्गज निशांबाज का हुआ 49 वर्ष क़ी आयु में निधन
विजय कुमार/ नई दिल्ली, 12 जून।
राष्ट्रीय राइफल संघ भारत ने दिग्गज पिस्टल निशानेबाज और राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका नई दिल्ली में 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और मार्गदर्शक के रूप में भारतीय खेलों की सेवा की।
सॉन्ग के अध्यक्ष कैलाश सिंह देव ने कहा, “जसपाल राणा का निधन भारतीय खेलों के लिए अपूरणीय क्षति है। वह एक ऐसे अग्रदूत थे जिन्होंने निशानेबाजों की पूरी पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। एक खिलाड़ी के रूप में उनकी उपलब्धियां ऐतिहासिक थीं और एक कोच के रूप में उनके समर्पण ने हमारे कई महान चैंपियनों के करियर को आकार दिया। NRAI की ओर से मैं उनके परिवार के प्रति इस कठिन समय में अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”
28 जून 1976 को उत्तराखंड में जन्मे जसपाल राणा ने 1994 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, जब उन्होंने मिलान में आयोजित 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ जूनियर विश्व खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और देश में निशानेबाजी खेल के विकास का मार्ग प्रशस्त किया।
जसपाल राणा भारतीय खेल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1994 से 2006 के बीच चार संस्करणों में राष्ट्रमंडल खेलों में 15 पदक जीते, जिनमें नौ स्वर्ण पदक शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने एशियाई खेलों में आठ पदक हासिल किए, जिनमें चार स्वर्ण पदक शामिल हैं।
2006 के दोहा एशियाई खेल उनके करियर का सबसे यादगार प्रदर्शन माना जाता है, जहां उन्होंने तेज बुखार के बावजूद तीन स्वर्ण पदक जीते और 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में 590 अंकों के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
देश के लिए उनके असाधारण योगदान के सम्मान में उन्हें 1994 में अर्जुन अवार्डऔर 1997 में पदमश्री से सम्मानित किया गया।
प्रतिस्पर्धी करियर समाप्त होने के बाद राणा ने कोचिंग का दायित्व संभाला और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए भारत के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्य किया। उन्होंने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें सबसे प्रमुख नाम Manu मनु भाकर का है, जिन्होंने पेरिस 2024 ओलंपिक में ऐतिहासिक दो कांस्य पदक जीते थे।
कोचिंग में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 2020 में द्रोणाचार्य अवार्डसे सम्मानित किया गया।
संघ के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा, “भारतीय निशानेबाजी में जसपाल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने राष्ट्रीय कोचिंग कार्यक्रम में अनुशासन और तकनीकी विशेषज्ञता का ऐसा स्तर स्थापित किया, जिसने युवा प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय पदक विजेता बनने में मदद की। निशानेबाजी समुदाय उन्हें हमेशा याद करेगा और हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।” राष्ट्रीय राइफल संघ भारत इस महान खेल हस्ती के निधन पर पूरे देश के साथ शोक व्यक्त करता है और उनके परिवार एवं प्रियजनों को इस कठिन समय में अपनी संवेदनाएं और समर्थन प्रदान करता है।


