-पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के हक पर भारी पड़ रहे दूसरे दलों से आये लोग
हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 28 मई, 2026।
दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं के बीच अजीब द्वंद्व की स्थिति बनी हुई है। अब दिल्ली सरकार में विभिन्न आयोगों में नियुक्तियों को लेकर चर्चा का माहौल गरम है। सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन पद को लेकर भी दिल्ली बीजेपी में चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। बताया जा रहा है कि आयोग के चेयरमैन पद के लिए पार्टी में नाम मांगे जा रहे हैं।
दिल्ली सरकार के सफाई कर्मचारी आयोग के लिए दावेदारों में रूपेश मेहरा, सुशांत सागर, संत लाल चावरिया, लालाराम वाल्मीकि एवं सुनीता कांगड़ा के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। इनमें से कोई पहले निगम पार्षद रह चुके हैं तो कोई पहले ही आयोग के चेयरमैन भी। लेकिन खास बात है कि कुछ दोवेदारों के पीछे अलग अलग मंदिरों के ‘बाबा’ खड़े बताये जा रहे हैं। बताया यह भी जा रहा है कि संजय गहलोत भी अपने कार्यकाल को बढ़ाने के लिए सिफारिश जुटाने में लगे हैं।
रूपेश मेहरा के बारे में बताया जा रहा है कि वह बहुजन समाज पार्टी से बीजेपी में आये हैं। फिलहाल अल्पसंख्यक मोर्चा में पदाधिकारी हैं। बताया जा रहा है रूपेश की सिफारिश विवेकनाथ महाराज (चाणक्यपुरी मंदिर) कर रहे हैं। वहीं सुशांत सागर की सिफारिश कृष्ण शाह (मंदिर मार्ग मंदिर) कर रहे हैं।
अन्य दावेदारों में संत लाल चावरिया का है, जो कि पहले ही आम आदमी पार्टी के शासनकाल में आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं। लालाराम वाल्मीकि स्कूल चलाते हैं और उनकी पत्नी निगम पार्षद रह चुकी हैं। उनके पीछे दिल्ली बीजेपी के एक पदाधिकारी का आशीर्वाद बताया जा रहा है। वहीं, सुनीता कांगड़ा इससे पहले निगम पार्षद व दक्षिणी दिल्ली की मेयर रह चुकी हैं और वर्तमान में दिल्ली बीजेपी में पदाधिकारी भी हैं। लेकिन उनके बारे में बताया जा रहा है कि वह यूनियनों की राजनीति को संभालने में उन्हें शायद सक्षम साबित नहीं हों।
पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी!
पार्टी में इस तरह की दावेदारियों को लेकर भारी नाराजगी है। दिल्ली बीजेपी के एक पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी में कई ऐसे कार्यकर्ता हैं जो इस पद के लायक हैं। लेकिन पार्टी में उन्हें इन जिम्मेदारियों से दूर रखा जा रहा है और दूसरे दलों से आये लोगों को जानबूझकर आगे बढ़ाया जा रहा है।


