‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के डर से AAP ने खड़े किये हाथ… मेयर चुनाव से बनाई दूरी!

-स्टेंडिंग कमेटी के लिए भी 2 के बजाय उतारा 1 ही उम्मीदवार

हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 22 अप्रैल।
दिल्ली विधानसभा से सत्ता गंवाने के बाद से दिल्ली नगर निगम में भी आम आदमी पार्टी (AAP) की हालत लगातार कमजोर होती जा रही है। हालात इतने खराब हो गये हैं कि अब ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के डर से आप ने मेयर चुनाव में अपने हाथ खड़े कर दिये हैं। आम आदमी पार्टी ने स्टेंडिंग कमेटी सदस्य पद के लिए भी 2 के बजाय 1 ही उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारा है।
आम आदमी पार्टी के नेता और एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने बुधवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी मेयर एवं डिप्टी मेयर के चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी। स्टेंडिंग कमेटी के लिए सदन (हाउस) से तीन सदस्य चुने जाने हैं, परंतु आप ने सदस्य पद हेतु भी बुधवार को सदस्य पद के लिए केवल एक ही उम्मीदवार से नामांकन पत्र दाखिल कराया है।
बता दें कि 29 अप्रैल को दिल्ली के मेयर एवं डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होना है। इसी के साथ स्टेंडिंग कमेटी के लिए भी 3 सदस्यों का चुनाव होना है। इसके लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 23 अप्रैल है। नामांकन की आखिरी तारीख से पहले ही आप ने मेयर चुनाव से पहले अपने हाथ पीछे खींच लिये हैं।
आम आदमी पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आम आदमी पार्टी एमसीडी में पहले ही संख्या बल में पिछड़ चुकी है। यद परंपरा को निभाने के लिए भी आप मेयर चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारती है तो ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ शुरू हो सकती है। ऐसे में पहले से ही बिखरी हुई आप के कुछ और पार्षद पार्टी का दामन छोड़कर सत्ता पक्ष के पाले में जा सकते हैं।
यही स्थित स्टेंडिंग कमेटी के सदस्यों के चुनाव के मामले में बनी हुई है। स्टेंडिंग कमेटी के 3 सदस्यों के लिए चुनाव होना है। आप के 2 सदस्यों और बीजेपी के 1 सदस्य के स्टेंडिंग कमेटी से रिटायर होने की वजह से ये पद खाली हुए हैं। परंपरा के अनुसार आप को स्टेंडिंग कमेटी के कम से कम दो सदस्यों के पद पर चुनाव लड़ना चाहिए था। परंतु आप ने केवल 1 पद पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। क्योंकि आप के पास केवल 1 सदस्य को जिताने लायक ही पार्षद हैं। यदि आप स्टेंडिंग कमेटी के 1 से ज्यादा सदस्यों के पदों पर चुनाव लड़ती है तो यहां भी हॉर्स ट्रेडिंग का डर बना हुआ है और आप के पार्षद बिखर कर बीजेपी की ओर जा सकते हैं।
2027 का निगम चुनाव पर AAP की नजर!
सूत्रों का कहना है कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने यह मान लिया है कि एमसीडी में फिलहाल आप के लिए कुछ नहीं बचा है। किसी भी तरह से आप एमसीडी में सफल नहीं हो सकती है, इसलिए 2027 में होने वाले एमसीडी के चुनाव पर फोकस किया जाये और अपने पार्षदों को भविष्य में टूटने से बचाये रखा जाये। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पूर्व एमसीडी के चुनाव होने हैं, अतः एमसीडी में बीजेपी की सत्ता रहते हुए उसकी नाकामियों को मुद्दा बनाकर 2027 के एमसीडी चुनाव में उतरा जाये।