दो धड़ों में बंटी दिल्ली भाजपा

-तिवारी का नेतृत्व और पूरब बनाम पश्चिम की लड़ाई
-दिल्ली के पार्टी नेताओं को नहीं मिल रही तवज्जो
-प्रदेश नेतृत्व के प्रति बढ़ रही पार्टी में नाराजगी

हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्ली
पहले से कई धड़ों में बंटी दिल्ली प्रदेश भाजपा एक बार फिर दो धड़ों में बंट गई है। पार्टी में इस बार पूरब बनाम पश्चिम यानी इंद्रप्रस्थ की लड़ाई है। दक्षिणी दिल्ली में कुछ दिन पहले रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के दौरान हुई एक झड़प के बाद पार्टी में दोनों नए गुट तेजी से उभरे हैं। बता दें कि इस कार्यक्रम दौरान अपने आप को भाजपा नेता बताने वाले एक व्यक्ति की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी थी। इस नेता ने अपने आपको पूर्वांचल का नेता बताते हुए स्थानीय सांसद रमेश बिधूड़ी पर आरोप लगाया था कि उनके इशारे पर उसकी पिटाई हुई। फिलहाल सांसद रमेश बिधूड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


सूत्रों का कहना है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश संगठन मंत्री सिद्धार्थन और सह प्रभारी तरूण चुग के साथ भी संबंध ठीक नहीं चल रहे। पार्टी के ज्यादातर सांसद भी मनोज तिवारी की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं। यही कारण है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम की बहुप्रतीक्षित परियोजना रानी झांसी रोड फ्लाईओवर के पिछले दिनों हुए उद्घाटन में भी मनोज तिवारी दिखाई नहीं दिए थे।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी प्रदेश भाजपा में पूर्वांचल के लोगों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। आरोप यह भी है कि तिवारी दिल्ली भाजपा के पुराने नेताओं को लगातार किनारे लगा रहे हैं। इसकी वजह से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। मनोज तिवारी ऐसे लोगों को पार्टी में बढ़ावा दे रहे हैं जो या तो दूसरी पार्टी से आए हैं या फिर भाजपा नेताओं को चुनाव में हराने की कोशिश करते रहे हैं।
ताजा मामले में भी दिल्ली भाजपा के कई पदाधिकारी और प्रमुख कार्यकर्ता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से नाराज बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि जब पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष मनीष सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिस शख्स के साथ धक्का-मुक्की हुई वह भाजपा पूर्वांचल मोर्चा का पदाधिकारी नहीं है तो फिर कारण बताओ नोटिस क्यों जारी किया गया।

कपिल मिश्रा पर मेहरबानी

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आजकल आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा पर ज्यादा मेहरबान हैं। भाजपा के कई कार्यक्रमों में वह कपिल मिश्रा को खासी तवज्जो देते दिखाई देते हैं। जबकि करावल नगर से चार बार विधायक रहे मोहन सिंह बिष्ट को उन्होंने हासिए पर खड़ा कर रखा है। कुछ महीने पूर्व पानी-बिजली को लेकर हुए प्रदर्शन में भी तिवारी करावल नगर से पूर्व विधायक मोहन सिंह बिष्ट के मंच पर नहीं पहुंचे थे। बता दें कि कपिल मिश्रा की मां अन्नपूर्णा मिश्रा पहले भाजपा की पार्षद रही हैं और पूर्वी दिल्ली की पहली महापौर भी बनी थीं। लेकिन विधानसभा चुनाव में उनके ऊपर अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोप लगे थे।

गैरों पे करम अपनों पे सितमः

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी अपने चहेतों को आगे बढ़ाने के लिए पार्टी के पुराने नेताओं को पीछे धकेल रहे हैं। पिछले दिनों कांग्रेस से आए प्रत्यूष कंठ को पार्टी के मीडिया विभाग में अहम जिम्मेदारी दी गई। जबकि अपनी ही पार्टी के कई पुराने नेता जो मीडिया विभाग में लंबे समय तक काम कर चुके हैं, वह इस कदम से नाराज हैं। आश्चर्य की बात है कि प्रत्यूष कंठ केवल उसी दिन प्रदेश भाजपा कार्यालय में दिखाई देते हैं, जिस दिन प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी कोई प्रेस कांफ्रेंस करते हैं। इसके अलावा वह किसी दिन पार्टी कार्यालय में दिखाई नहीं देते।

पंत मार्ग बनाम नॉर्थ ऐवेन्यू:
पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि मनोज तिवारी के अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय अघोषित रूप से पंत मार्ग से हटकर नॉर्थ ऐवेन्यू स्थित तिवारी के घर पर पहुंच गया है। मनोज तिवारी अब ज्यादातर मीडिया बाइट्स और बयान वहीं से जारी करते हैं। जबकि उनसे पहले तक सभी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंत मार्ग कार्यालय में विधिवत बैठते रहे हैं। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्हें अब दो जगह हाजिरी लगानी पड़ती है। कई बार तो वह नॉर्थ ऐवेन्यू जाते हैं तो उन्हें पंत मार्ग का कहा जाता है और पंत मार्ग जाते हैं तो नॉर्थ ऐवेन्यू भेजा जाता है।