उफान पर तमिलनाडु का सियासी पारा, कांग्रेस व डीएमके में हुआ सीटों का बंटवारा, 21 दल मिलकर लड़ेंगे चुनाव

-28 विधानसभा सीटों पर लड़ेगी कांग्रेस, डीएमके ने दी एक राज्यसभा की सीट

एसएस ब्यूरो/ चेन्नईः 6 मार्च।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का पारा उफान पर है। राज्य में कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) मिलकर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी में बुधवार को सीट बंटवारे पर मुहर लग गई। डीएमके ने कांग्रेस को 28 विधानसभा सीट दी हैं। इसके अलावा पार्टी को एक राज्यसभा सीट भी दी गई है। डीएमके के नेतृत्व में 21 दल मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
राज्य में विधानसभा की 234 सीटें हैं। 2021 के चुनाव में डीएमके ने 133 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस ने कुल मिलाकर 159 सीटों पर जीत हासिल की थी। दूसरी ओर एनडीए को मात्र 75 सीटें मिली थीं, जिसमें एआईएडीएमके 66 सीटों के साथ गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी रही थी।
टूटने के कगार पर था गठबंधन
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और डीएमके के बीच 2004 से चला आ रहा गठबंधन टूटने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने मंगलवार को स्टालिन से मुलाकात की और लंबी बातचीत के बाद बात बन गई। कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की थी। जब बात नहीं बनी तो चिदंबरम को बातचीत के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि स्टालिन कांग्रेस को 25 सीटें ही देना चाहते थे, लेकिन चिदंबरम की स्टालिन से मुलाकात के बाद 28 सीटों तक सहमति बनी।
हाई कमांड और कांग्रेसी कार्यकर्ता खुशः सेल्वपेरुंथगई
सीटें शेयरिंग पर तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने कहा- हमें 28 सीटें मिलीं हैं। 40 साल बाद हमें तीन अतिरिक्त सीटें और राज्यसभा में एक सीट मिली है। पार्टी इसका स्वागत करती है। तमिलनाडु की जनता को इस गठबंधन की जरूरत है। इस फैसले से हाई कमांड और कांग्रेसी कार्यकर्ता भी बहुत खुश हैं। चुनावों में हम 210 से ज्यादा सीटें जीतने जा रहे हैं।