-एशियाई अंडर-19 एवं अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप
एसएस ब्यूरो/ जकार्ता, 8 जुलाई।
एशियाई अंडर-19 एवं अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की अंडर-23 महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में दमदार जीत दर्ज की। बुधवार को जकार्ता में खेले गए मुकाबलों के बाद भारत की नौ महिला मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंच गईं और इसके साथ ही उन्होंने कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है।
दोपहर के सत्र में 51 किग्रा वर्ग की तनु ने थाईलैंड की केवालिन नोरासिंग को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। वहीं 54 किग्रा वर्ग में निशा ने कजाखस्तान की अलीअक्सार सिम्बात को 5-0 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। हालांकि 48 किग्रा वर्ग में निधि ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वह कजाखस्तान की गुलनाज बुरीबायेवा से 3-2 के विभाजित फैसले से हार गईं।
शाम के सत्र में भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा जारी रहा। 57 किग्रा वर्ग में प्राची ने कोरिया की येजिन ओह को पहले ही राउंड में रेफरी स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट के जरिए हराकर शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद 60 किग्रा वर्ग में निकिता चंद ने चीनी ताइपे की चेन-शुआन ये को तीसरे राउंड में त्ैब् के जरिए पराजित किया। वहीं 65 किग्रा वर्ग में काजल ने जापान की अरिंदा अकिमोटो को 4-1 के विभाजित फैसले से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
इन परिणामों के साथ भारत ने अंडर-23 महिला वर्ग में कुल नौ पदक पक्के कर लिए हैं, क्योंकि सेमीफाइनल में पहुंचने वाली सभी मुक्केबाजों का पदक सुनिश्चित हो गया है।
सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारतीय मुक्केबाज हैंः
तनु (51 किग्रा)
निशा (54 किग्रा)
प्राची (57 किग्रा)
निकिता चंद (60 किग्रा)
काजल (65 किग्रा)
शिवानी (70 किग्रा)
मुस्कान (75 किग्रा)
नैना (80 किग्रा)
प्रियंका (80 किग्रा)
महिला वर्ग में भारत का यह दमदार प्रदर्शन महाद्वीपीय स्तर पर उसकी बढ़ती ताकत और प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। अब कई भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल दावेदार बन चुकी हैं। 5 से 16 जुलाई तक जकार्ता में आयोजित एशियाई अंडर-19 एवं अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप भारत के उभरते मुक्केबाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर बनी हुई है।


