भुल्लर के मुद्दे और चांदनी चौक में चालान काटने पर डीएसजीएमसी खफा

-प्रो देविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई का विरोध कर केजरीवाल और भगवंत मान का सिख विरोधी चेहरा बेनकाबः कालका
-गुरुद्वारा शीशगंज साहिब आने वालों के चालान बंद नहीं किए तो जोड़े जायेंगे कैमरे, केजरीवाल के घर देंगे धरनाः काहलों

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 19 अक्टूबरः 2023।
प्रो. देविंदर पाल सिंह भुल्लर (Devender Pal Singh Bhullar) और चांदनी चौक (Chandni Chowk) में शीशगंज गुरूद्वारा (Shishganj Gurudwara) आने वालों के चालान काटे जाने के मुद्दे पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Delhi Sikh Gurudwara Management Committee) ने सख्त नाराजगी जताई है। डीएसजीएमसी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि प्रो. देविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की याचिका का विरोध करके आप संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Punjab CM Bhagwant Mann) का सिख विरोधी चेहरा खुल कर सामने आ गया है। दोनों सिख नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के दर्शनों के लिए आने वाली संगत के चालान बंद नहीं किए गए तो वह आप सरकार द्वारा लगाए गए कैमरे न केवल हटाएंगे बल्कि केजरीवाल के घर के बाहर धरना भी देंगे।
गुरूवार को एक प्रेस वार्ता में हरमीत सिंह कालका और जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार सिख विरोधी और पंजाबी विरोधी है। यह स्पष्ट है क्योंकि पिछले 27 साल से जेल में बंद प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई पर फैसला लेने के लिए सजा समीक्षा बोर्ड की बैठक हर बार कोई न कोई बहाना देकर टाली जा रही है। अरविंद केजरीवाल सरकार के वकील ने अदालत में प्रो. भुल्लर की रिहाई का विरोध करते हुए कहा है कि उनकी याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
कालका और काहलों ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने धोखे से दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाई है और अब पंजाब व दिल्ली दोनों जगह पर जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है कि उनके साथ धोखा हुआ है। केजरीवाल सरकार ने पहले दिल्ली के स्कूलों से पंजाबी भाष हटाई, फिर दिल्ली से पंजाबी बोर्ड हटाए और किसी भी पंजाबी विधायक को मंत्री नहीं बनाया। दूसरी ओर, पंजाब के लोगों ने आप पार्टी को भारी जनादेश दिया और 92 विधायक बनाए, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान नाटक के रोल मॉडल मात्र बन कर रह गए हैं।
दोनो सिख नेताओं ने आगे कहा कि मंगलवार को भगवंत मान ने श्री दरबार साहिब में नशे के खात्मे के लिए अरदास की लेकिन यह घोषणा नहीं की कि पंजाब में शराब पर प्रतिबंध लगाया जाएगा तथा सभी शराब की दुकानें बंद की जाएंगी। अगर आम आदमी पार्टी हमारे पंथ दर्दियों के साथ खिलवाड़ करेगी तो हम उन्हें मंहतोड़ जवाब देंगे और जवाब मांगेंगे।
सबसे ज्यादा बंदी सिंह दिल्ली और पंजाब की जेलों में बंद हैं, इसलिए हम दिल्ली और पंजाब दोनों सरकारों से बातचीत करेंगे कि वे बंदी सिंहों की रिहाई का विरोध क्यों कर रहे हैं। प्रो. देविंदरपाल सिंह भुल्लर को टाडा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया और मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन 2014 में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया, 14 साल की सजा की तुलना में प्रो. भुल्लर दोगुनी सज़ा भुगत चुके हैं और काफी समय से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।
डीएसजीएमसी के दोनों नेताओं ने आगे कहा कि मेडिकल बोर्ड भी उनकी रिहाई की वकालत कर चुका है मगर फैसला दिल्ली की केजरीवाल सरकार को लेना है। दिल्ली सजा समीक्षा बोर्ड की हर बैठक बिना कोई निर्णय लिए स्थगित की जा रही है, हर बार कोई न कोई बहाना बनाया जा रहा है, आप सरकार इन मामलों पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रही है।
चांदनी चौक में चालान काटे जाने के संबंध में दोनों सिख नेताओं ने कहा कि गुरुद्वारा शीशगंज साहिब आने वाले श्रद्धालुओं के 20-20 हजार रुपये के चालान काटे जा रहे हैं। इस संबंध में हमारी दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से भी बातचीत हुई है और पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे चालान नहीं काटना चाहते लेकिन शाहजहानाबाद पुनर्विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनीष गुप्ता के आदेश पर सी.सी.टी.वी लगाए गए हैं जिसके चलते चालान काटना पड़ रहा है।
दूसरी ओर मनीष गुप्ता इस मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और जब बात करते हैं तो जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस व ट्रैफिक पुलिस पर डाल देते हैं।
सिख नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अरविंद केजरीवाल ने ये सीसीटीवी कैमरे नहीं हटाए व संगतों का चालान काटना बंद नहीं किया तो वह कैमरे भी तोड़ते हुए संगतों के साथ मिलकर अरविंद केजरीवाल के घर के सामने धरना भी देंगे, इस मामले पर वह पीछे हटने वाले नहीं है।