नेताओं की पहुंच से दूर AAP के बागी पार्षद…सोशल मीडिया के जरिये नेताओं पर लगाया परिवार पर दबाव बनाने का आरोप… AAP नेताओं पर लगाये पार्टी में लोकतंत्र नहीं होने के भी आरोप

-विजय कुमार और नरेंद्र गिरसा ने पार्टी नेतृत्व के साथ बगावत कर किया है डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन

हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 19 अप्रैल।
दिल्ली नगर निगम (MCD) की सत्ता में पहली बार आई आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव (Mayor-Deputy Mayor Election) को लेकर पार्टी मुश्किल में हैं। गुरूवार को आप के दो निगम पार्षदों ने पार्टी नेतृत्व के साथ बगावत करते हुए डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिये थे। अब दोनों ही निगम पार्षद आप नेताओं को ढूंढने से भी नहीं मिल रहे हैं। खास बात है कि दोनों निगम पार्षद आप नेतृत्व को भी खुलकर हिदायत दे रहे हैं कि वह अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे, अतः उनके परिवारों पर दबाव नहीं बनाया जाये। विजय कुमार ने आप नेताओं के ऊपर यह आरोप भी लगाया है कि पार्टी में कोई लोकतंत्र नहीं है।
बता दें कि गुरूवार को आम आदमी पार्टी ने मेयर पद के लिए महेश खींची और डिप्टी मेयर पद के लिए रविंद्र भारद्वाज के नामों की घोषणा की थी। उनके नामांकन के समय दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी, मंत्री सौरभ भारद्वाज, विधायक सौरभ भारद्वाज और नेता सदन मुकेश गोयल मौजूद रहे। लेकिन इसके तुरंत बाद पार्टी के ही निगम पार्षद विजय कुमार और दूसरे पार्षद नरेंद्र गिरसा ने बगावत करते हुए डिप्टी मेयर पद के लिए अपने-अपने नामांकन दाखिल कर दिये।
अपने पार्षदों की बगावत के बाद आप नेताओं ने गुरूवार रात से दोनों पार्षदों पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था। परंतु दोनों ही निगम पार्षद मानने को तैयार नहीं हैं। ज्यादा दबाव पड़ते देख दोनों बागी पार्षद अपने घरों से गायब हो गये हैं और पार्टी नेताओं की पहुंच से फिलहाल दूर हैं। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने दोनों निगम पार्षदों के परिवारीजनों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
आप नेतृत्व को दिखाया आईना
आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद विजय कुमार ने पार्टी नेतृत्व को शुक्रवार को आईना दिखाने की कोशिश की। उन्होंने शुक्रवार को एक बाद दूसरा ट्वीट करते हुए आप नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा कि ‘‘ये मेरा निजी फैसला है मैं आपसे विनती करता हूं निवेदन करता हूं राजनीति से मेरे परिवार को ना जोड़ें। जनता की सेवा करना/ राजनीति करना मेरा काम है, मेरे घर के द्वार आपके लिए हमेशा खुले हैं आप कभी भी आ सकते हैं परंतु मैं आपसे पुनः निवेदन करता हूं मेरे परिवार पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाएं।’’
राजकुमार ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि ‘‘मैं डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ूगा भी और जीतूंगा भी, मेरे परिवार पे और मुझ पर कोई दबाव न डालें।’’ इस ट्वीट में राजकुमार ने अपना एक वीडियो भी अपलोड किया है। जिमें उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी में कोई लोकतंत्र नहीं है। इसके बाद दिल्ली के डिप्टी मेयर का चुनाव और दिलचस्प हो गया है। यदि आप के दोनों बागी पार्षद अपना नामांकन पत्र वापस नहीं लेते हैं तो 26 अप्रैल को आप का खेल बिगड़ भी सकता है। अब देखना यह है कि आम आदमी पार्टी में चल रही यह बगावत कितना आगे बढ़ती है? क्योंकि बताया यह भी जा रहा है कि कुछ और निगम पार्षद भी पार्टी के खिलाफ वोट कर सकते है।