-तीन दिवसीय मानसून सत्र में 52 जनहित के मामले उठाए गएय एक ही दिन में 23 सदस्यों को मुद्दे उठाने का मिला अवसर
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026।
“मानसून सत्र बेहद सफल रहा। विधानसभा में विपक्ष की नेता की लगातार अनुपस्थिति के बावजूद सदन में 13 घंटे 19 मिनट की कार्यवाही के दौरान कई कैग रिपोर्ट पेश की गईं और चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए” यह बात दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं। उन्होंने तीन दिवसीय मानसून सत्र की प्रमुख उपलब्धियों, महत्वपूर्ण कार्यों और विधायी परिणामों की जानकारी मीडिया को दी। नियम 280 के तहत सदस्यों ने कुल 52 जनहित के मामले उठाए। सामान्यतः प्रतिदिन 10 सदस्यों के लिए निर्धारित सीमा के बावजूद इस बार एक ही दिन में 23 सदस्यों को जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 22 विपक्षी सदस्यों वाली विधानसभा में विपक्ष के लगभग 20 सदस्य सदन में उपस्थित थे। वहीं, सत्तापक्ष की भी मजबूत उपस्थिति थी जिनमें 48 में से लगभग 44-45 सदस्य सदन में मौजूद थे। विधानसभा की कार्यक्षमता का उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने 7वीं दिल्ली विधानसभा की तुलना की, जिसने अपने पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल में केवल पांच सत्र आयोजित किए थे। इसके विपरीत, 8वीं दिल्ली विधानसभा ने डेढ़ वर्ष से भी कम समय में छह सत्र आयोजित किए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के पिछले डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में अब तक कैग की 19 रिपोर्ट सदन में पेश की जा चुकी हैं।
सदन में उठाए गए विभिन्न मुद्दों का उल्लेख करते हुए विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सदस्यों ने कूड़ा निस्तारण, जलभराव, आवारा पशु, पीडब्लूडी की सड़कों और बिजली के बिलों सहित कई महत्वपूर्ण नागरिक समस्याओं को उठाया। सदन में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका और सजा के मुद्दे पर दो दिवसीय अल्पकालिक चर्चा भी हुई। इसके अलावा, दिल्ली लक्ष्मी योजना के संबंध में सदन ने सर्वसम्मति से बधाई प्रस्ताव पारित किया। श्री गुरु नानक साहिब जी के प्रकाश उत्सव पर शुभकामनाएं दी गईं तथा पूर्व विधायकों और दिल्ली में हुई दुखद आग की घटनाओं के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सत्र के दौरान चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए और पारित किए गए। इनमें दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (निरसन) विधेयक, 2026य नागरिकों को समयबद्ध और सुगम सेवाओं की उपलब्धता के अधिकार से संबंधित विधेयक, 2026य दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026य तथा दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये कानून जन सेवाओं की बेहतर व्यवस्था, शहरी आश्रय प्रशासन को मजबूत करने और दिल्ली अग्निशमन सेवा के कामकाज में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सत्र के दौरान तकनीक के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। दिल्ली विधानसभा में एआई आधारित भाषिणी लाइव ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद प्रणाली का पायलट आधार पर शुभारंभ किया गया। यह किसी विधायी संस्था में देश का पहला ऐसा पायलट है। इसके माध्यम से विधानसभा ने तकनीक के उपयोग से सदन की कार्यवाही को अधिक सुगम, समावेशी और लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
संस्थागत जवाबदेही पर जोर देते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि 19 कैग रिपोर्टों पर सदन में विस्तृत और समयबद्ध चर्चा हुई। सभी रिपोर्टों को संबंधित सरकारी विभागों को एक्शन टेकन रिपोर्ट के लिए भेज दिया गया है। इस प्रक्रिया में लोक लेखा समिति (पैक) की सक्रिय भूमिका रहेगी तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इन रिपोर्टों पर कार्रवाई समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए, ताकि प्रत्येक मामले का तार्किक निष्कर्ष निकले और उनकी सिफारिशों का जल्द से जल्द प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।


