-अयोध्या धाम के 11 संत चरणों ने पूजन कर ध्वज आरोहित किया
-हृदय विदारक घटना के प्रति उपमुख्यमंत्रियों के दायित्वबोध की सराहना
-अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के लिए सौंपी प्राचीन पंडुलिपि
एसएस ब्यूरो / अयोध्या, 23 जून।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा शेषावतार मंदिर शिखर पर पूर्व निर्धारित ध्वजारोहण कार्यक्रम श्रद्धा व निष्ठा के साथ सम्पन्न हुआ। अयोध्या महानगर एवं ग्रामीण के लगभग 4 हजार रामभक्त कार्यक्रम के साक्षी बने। धर्मनगरी के पूज्य 11 संत चरणों ने अपने कर-कमलों से पूजित ध्वज मंदिर शिखर पर आरोहित किया। इस दौरान राजधानी लखनऊ में घटित हृदय विदारक अग्निकांड में मृतकों की आत्मा की सद्गति व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रभु श्रीरामलला के श्री चरणों में प्रार्थना की गई। साथ ही दुखी परिवारीजनों, संबंधियों, मित्रों को धैर्य व साहस प्रदान करने की प्रभु से कामना की गई। कार्यक्रम के दौरान संग्रहालय के लिए राम से संबंधित प्राचीन पंडुलिपि भी सौंपी गई।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर शिखर पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अयोध्या धाम के पूज्य 11 संत चरणों ने ध्वज पूजन किया। इस दौरान अयोध्या के जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्य मंत्री श्री केशव मौर्य जी व श्री ब्रजेश पाठक जी ध्वजारोहण के लिए आने वाले थे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अग्निकांड के प्रति दायित्वबोध के कारण लखनऊ में ही उपस्थित रहने का दोनों उपमुख्यमंत्रियों के निर्णय की सराहना की।
सोमवार दोपहर बाद लखनऊ में हुए हृदय विदारक अग्निकांड के बाद माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा कार्यक्रम रद्द करते हुए दुर्घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण एवं सरकार की त्वरित कार्यवाही के प्रति संतों ने आभार व्यक्त किया।
शेषावतार मंदिर शिखर पर पूज्य महंत शशिकान्त दास जी महाराज, पूज्य ज्ञानी गुरजीत सिंह जी, पूज्य महंत रामानंद दास जी महाराज, पूज्य जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य जी महाराज, पूज्य दिनेंन्द्र दास जी महाराज, पूज्य महंत रामकुमार दास जी महाराज, पूज्य रामानुजदास जी महाराज, पूज्य महंत रघुबीरशरण जी महाराज, पूज्य अधिकारी राजकुमार दास जी महाराज, पूज्य महंत गिरीश दास जी महाराज व महंत अवधेश दास शास्त्री जी महाराज ने शिष्यो के साथ ध्वज पूजन कर ध्वज आरोहित कराया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी रामभक्तों को समापन पर अल्पाहार व घर ले जाने के लिए प्रसाद का वितरण किया गया। उपस्थित सभी भक्तों ने श्रीरामलला, श्रीराम परिवार मंदिरों के साथ परकोटा सहित अन्य मंदिरों के भी दर्शन पूजन किए। इस दौरान अयोध्या नगर के कुमारगंज निवासी जंगबहादुर सिंह ने लगभग 300 सौ साल पुरानी राम से संबंधित आध्यात्मिक ग्रंथ अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के लिए संत चरण के हाथों में सौंपी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महासचिव चम्पत राय, न्यासी अनिल मिश्र, गोपाल जी, रामशंकर, धनंजय पाठक, वीरेंद्र वर्मा, कारसेवकपुरम प्रभारी शिवदास सिंह जी, धीरेश्वर वर्मा, संजीब सिंह, आदित्य जी मौजूद रहे और व्यवस्था का कुशल संचालन किया।


