सही ढंग से नहीं खेल पाना हर खिलाड़ी के लिए निराशाजनकः मिलर

-आईपीएल से जुड़े सवालों पर बबाक होकर बोले डेविड

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली 7 मई।
पत्रकारों से बात करते हुए डेविड मिलर ने कहा किमुझे लगता है कि न खेल पाना, जाहिर तौर पर एक खिलाड़ी के लिए निराशाजनक होता है। आप हमेशा हर मैच खेलना चाहते हैं, लेकिन आईपीएल की प्रकृति ही ऐसी है। सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ियों के नियम के कारण टीम कॉम्बिनेशन बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
मैं काफी समय से आईपीण्ल खेल रहा हूं, यह मेरा पहला आईपीण्ल नहीं है, इसलिए मैं टीम के संतुलन और उसकी जरूरतों को समझता हूं। मेरे लिण् सबसे जरूरी बात यह है कि मैं टीम के बाकी खिलाड़ियों को सकारात्मक ऊर्जा दूं, हमेशा सकारात्मक रहूं और टीम के लिण् जो योगदान दे सकता हूं।
इसके बाद बस अपने मौके का इंतजार करना है, चाहे इस सीजन में मौका मिले या नहीं। मैं हमेशा तैयार रहना चाहता हूं और अच्छी तैयारी करना चाहता हूं, क्योंकि यही हम खिलाड़ी करना पसंद करते हैं।
क्वालिफिकेशन समीकरण पर
अब हमारे लिण् चार में चार जीत जरूरी हैं। क्वालिफाई करने का मौका बना, रखने के लिए हमें बाकी चारों मैच जीतने होंगे, इसलिए यह बेहद अहम हो जाता है।
पिच की परिस्थितियों पर
पिचें थोड़ी अलग रही हैं। ऐसा नहीं है कि बल्लेबाजी असंभव रही हो। हमने लगभग 260 रन भी बनाए हैं, वहीं एक-दो लो-स्कोरिंग मैच भी हुए हैं, इसलिए परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं। लेकिन क्रिकेट का यही स्वभाव है। आपको हमेशा परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना पड़ता है। मुझे लगता है कि ऐसी विकेट पर लक्ष्य का पीछा करना बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि तब आपको पता रहता है कि कितना स्कोर बनाना है।
टी-20 बल्लेबाजी के विकास पर
आजकल आप युवा खिलाड़ियों को बेहद निडर अंदाज में खेलते देख रहे हैं। पिछले कई सालों से निडर बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन अब खिलाड़ी आते ही पहली गेंद से दबदबा बनाने की कोशिश करते हैं। बल्लेबाजों के कौशल को देखना शानदार है। स्कूप, सीधे शॉट और अलग-अलग इनोवेटिव शॉट्स, यह सब खिलाड़ी की व्यक्तिगत ताकत और पसंद पर निर्भर करता है।
कुछ खिलाड़ी फील्डरों की पोजिशन बदलने के लिए अनोखे शॉट खेलना पसंद करते हैं। फिर परिस्थितियां भी मायने रखती हैं कि कौन सा शॉट खेला जा सकता है और कौन सा नहीं। लेकिन जिस दिशा में खेल आगे बढ़ रहा है, उसमें बल्लेबाजों की मानसिकता और सोच निश्चित रूप से अगले स्तर पर पहुंच गई है।
मेरे लि, सबसे जरूरी बात यह है कि मैं अपनी ताकतों को मजबूत बनाए रखूं और जिस तरीके ने लंबे समय तक मेरे लिए काम किया है, उस पर भरोसा बनाए रखूं। भले ही खेल लगातार बदल रहा हो, लेकिन मुझे विश्वास है कि मेरी क्षमताएं अब भी टीम के लिएं काफी अहम हैं।
टीम के प्रदर्शन और हालिया हार पर
देखिए हारना कभी आसान नहीं होता। हम मैदान पर हारने के लिए नहीं उतरते। हमने बैठकर कई चीजों पर चर्चा की है। बल्लेबाजी के नजरिए से मुझे नहीं लगता कि हमने खराब क्रिकेट खेली है। हमने कई मैचों में अच्छी क्रिकेट खेली, लेकिन कुछ अहम पलों में टीम के तौर पर हमसे गलतियां हुईं। ऐसा नहीं है कि हर बार एक ही विभाग में गलती हुई हो। अलग-अलग चरणों में छोटी-छोटी चूक हुई हैं। जब विपक्षी टीमें मजबूत और प्रतिस्पर्धी हों, तो आपको हर समय अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर रहना पड़ता है, क्योंकि यहां कोई भी टीम किसी को भी हरा सकती है।
बैटिंग कोलैप्स और फील्डिंग की गलतियों पर
जिन मैचों में हम अच्छा नहीं कर पाए, उनमें हमने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। दो, तीन या चार विकेट जल्दी-जल्दी गिरने से हमें फिर पारी संभालनी पड़ती है और प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा कुछ मौकों पर हमने कैच छोड़े, जो शायद मैच का नतीजा बदल सकते थे।
टीम की एकजुटता पर
हमने टीम के अंदर साफ बात की है कि हम सब साथ हैं। जीत हो या हार, हम एकजुट रहेगे।
किसी पर उंगली उठाने का सवाल ही नहीं है। हम सब इसमें साथ हैं। हकीकत यही है कि हमें बाकी चार मैच जीतने हैं। अगर हम ऐसा कर लेते हैं, तो खुद को अच्छी स्थिति में पाएंगे।
कुलदीप यादव पर
कुलदीप जैसे खिलाड़ी के खिलाफ खेलना हमेशा मुश्किल रहा है। सच कहूं तो मुझे उनके खिलाफ बल्लेबाजी करना पसंद नहीं था। लेकिन अब वह मेरी ही टीम में हैं और टीम को काफी मजबूती देते हैं। वह शानदार इंसान हैं और मेरे हिसाब से ऐसे खिलाड़ियों का लगातार खेलना बहुत जरूरी है। क्योंकि वह मैच विनर हैं। हर खिलाड़ी की तरह उनके भी एक-दो मैच अच्छे नहीं गए, लेकिन ऐसा सबके साथ होता है। हर दिन आपका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं होता। लेकिन वह तैयारी बहुत अच्छी करते हैं, हमेशा मुकाबले के लिए तैयार रहते हैं और बेहद कुशल गेंदबाज हैं।
फील्डिंग चुनौतियों पर
दिल्ली की टीम ने फील्डिंग पर काफी मेहनत की है। हमने टीम और व्यक्तिगत स्तर पर काफी अभ्यास किया है। मुझे खुद फील्डिंग बहुत पसंद है। मैं गेंदबाजी नहीं करता, जैसा कि आप जानते हैं, इसलिए मेरे लिए फील्डिंग एक मानसिकता है। आपको हमेशा चाहना चाहिए कि गेंद आपकी तरफ आए और आप मैदान पर फर्क पैदा करें। चाहे डाइविंग कैच हो, आसान कैच हो या रन आउट का मौका, हमेशा खेल में शामिल रहने की इच्छा होनी चाहिए। ऐसा करने से आप बेहतर पोजिशन में पहुंचते हैं।
गलतियों की कोई एक वजह बताना मुश्किल है, क्योंकि हर खिलाड़ी अलग होता है। कभी रोशनी का असर होता है, कभी कुछ और। लेकिन आखिर में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिं, तीनों विभागों में हमें अगले चार मैचों में पूरी तरह तैयार रहना होगा।
बाकी मैचों पर फोकस, ट्रिस्टन स्टब्स पर
पिछले दस मैचों में जो हुआ, उससे अच्छी बातें लेकर आगे बढ़ना है। लेकिन अब अगले चार मैच बेहद बड़े हैं। स्टबो जैसा खिलाड़ी टीम में होना शानदार है। वह बेहद उत्साही, जुनूनी और प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी है। यहां तक कि अगर आप पूल में गेंद फेंककर खेल रहे हों, तब भी वह जीतना चाहता है। ऐसी ‘शिकारी मानसिकता’ वाले खिलाड़ी का टीम में होना शानदार होता है।
मुझे लगता है कि उसमें अभी बहुत कुछ बाकी है। वह अभी काफी युवा है। काफी क्रिकेट खेल चुका है, लेकिन शायद सिर्फ 25 या 26 साल का है। उसके लिए संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है। उसने पहले ही काफी निरंतरता दिखाई है और लंबी पारी खेलने का जज्बा भी है। टी20 क्रिकेट में उसके पास हर तरह के शॉट हैं, लैप, रिवर्स, सीधे बड़े शॉट और पावर गेम। उसके पास सब कुछ है। अब बस बाकी खिलाड़ियों की तरह निरंतरता बनाए रखने की जरूरत है। लेकिन इस मैच में उसने शानदार प्रदर्शन किया है और यह टीम के लिए बहुत अच्छी बात है।