-यूजीसी के मुद्दे पर आंदोलन के मूड में देश भर का सवर्ण समाज
-मार्च के पहले सप्ताह में नई दिल्ली में होगा बड़ा धरना-प्रदर्शन
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 18 फरवरी, 2026।
अखिल भारतीय क्षत्रिय मंच ने सवर्ण समाज, खास तौर पर क्षत्रिय समाज के युवाओं से अपील की है कि वह आवेश में आकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दें और सोशल मीडिया पर कोई भड़काऊ पोस्ट नहीं डालें। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कुमार गौड़ एवं राष्ट्रीय महामंत्री हीरेन्द्र सिंह राठौड़ ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि वर्तमान समय में यूजीसी के मुद्दे को लेकर सवर्ण समाज के लोगों में भारी गुस्सा है। खास तौर पर युवा वर्ग इसको लेकर ज्यादा आंदोलित है। परंतु आवेश में आकर कोई प्रतिक्रिया दिया जाना या फिर किसी भी तरह से कानून को अपने हाथ में लिये जाने की आवश्यकता नहीं है। विभिन्न सामाजिक संगठन कानूनी दायरे में रहकर यूजीसी के मुद्दे पर आंदोलन की रणनीतियां तय कर रहे हैं, अतः इस लड़ाई को कानूनी दायरे में रहकर ही लड़ा जाना चाहिए।
राजकुमार गौड़ एवं हीरेन्द्र सिंद राठौड़ ने आगे कहा कि भारत में अपनी बात कहने की सभी को आजादी है। परंतु इसके लिए किसी दूसरे वर्ग को नीचा दिखाने या किसी भी तरह से कानून के साथ खिलावाड़ नहीं किया जाना चाहिए। देश के युवा भारत का भविष्य हैं, अतः उन्हें अपनी भावनाओं को नियंत्रित करके कानूनी दायरे में रहकर ही किसी भी ज्यादतदी के विरोध का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवेश में आकर युवाओं से गलती हो सकती है और इसकी कीमत कानूनी कार्रवाई से चुकानी होगी। इससे अच्छा है कि कानूनी दायरे में रहकर ही किसी भी गलत आदेश का विरोध किया जाये।
क्षत्रिय मंच के दोनों नेताओं ने कहा कि यूजीसी के मुद्दे पर विरोध की रणनीति तय करने के लिए मंच के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं सक्रिय सदस्यों की एक बैठक रविवार को नई दिल्ली में बुलाई गई है। इस बैठक में आंदोलन के लिए आगे की भूमिका बनाई जायेगी। मार्च के पहले सप्ताह में यूजीसी कानून के विरोध में नई दिल्ली में एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जायेगा।


