-जो सरकार नहीं समझ सकी वह कोर्ट की समझ में आयाः राजकुमार गौड़
-प्राकृतिक न्याय के लिए सभी को समान अधिकार दिये जाने जरूरीः हीरेन्द्र सिंह राठौड़
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 29 जनवरी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नये रूल्स पर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रोक लगाये जाने के फैसले का अखिल भारतीय क्षत्रिय मंच ने स्वागत किया है। क्षत्रिय मंच के नेताओं ने इसे सामाजिक सद्भाव की भावना और सवर्ण वर्ग के संगठनों के द्वारा उठाये गये मुद्दों की जीत बताया है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार गौड़ एवं राष्ट्रीय महामंत्री कुंवर हीरेन्द्र सिंह राठौड़ ने संयुक्त बयान में कहा कि सुप्रीम र्कोर्ट ने विभिन्न संगठनों के द्वारा यूजीसी के नये रूल्स के विरोध मे उठाये गये मुद््दों को देखते हुए इस पर स्टे लगाये जाने का हम स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में पुनः विचार करना चाहिए और स्कूल, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों व शैक्षिक संस्थानों में छात्रों के बीच आपसी सद्भाव बनाये रखने के लिए ठोस कदम उठाये जाने चाहिए। सरकार को कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के बीच आपसी वैमनस्यता बढ़े।
क्षत्रिय मंच के दोनों नेताओं ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है। तब तक सरकार को नये दिशानिर्देशों पर विचार कर लेना चाहिए और ऐसे नियम बनाने चाहिए, जिससे कि सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अधिकार मिल सकें। केवल जाति के आधार पर छात्रों को अलग अलग खेमों में बांट देने से समानता नहीं आ सकती। इसके लिए सभी वर्गों के लोगों को समान अधिकार देने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार एससी/एसटी एक्ट के दुरूपयोग के मामलों को देख चुकी है। अब जरूरत है कि एससी/एसटी एक्ट सहित इस तरह के सभी कानूनों की समीक्षा करके उनमें सुधान किये जायें।


