दो करोड़ तक हो सकता है ‘पार्षद फंड’… गुरूवार को स्टेंडिंग कमेटी में होगा ‘फाइनल’

-निगम आयुक्त ने बजट प्रस्तावों में नहीं किया था पार्षद फंड का प्रावधान

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 14 जनवरी।
राजधानी दिल्ली में निगम पार्षदों को अपने इलाकों/ वार्ड्स में विकास कार्य कराने के लिए दी जाने वाली पार्षद फंड की राशि दो करोड़ रूपये की जा सकती है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि दिल्ली नगर निगम की आय ज्यादा नहीं बढ़ पा रही है, अतः फिलहाल एक करोड़ रूपये सालाना का प्रस्ताव रखा जा सकता है। वर्ष 2026-2027 के लिए बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के लिए गुरूवार को स्टेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। निगम आयुक्त ने अपने बजट प्रस्तावों में पार्षद फंड के लिए कोई प्रावधान नहीं किया था।
सूत्रों का कहना है कि 2027 में निगम चुनाव होने हैं और पिछले तीन वर्षों में आम आदमी पार्टी के शासन के दौरान निगम पार्षद अपने वार्ड्स में विकास कार्य नहीं करा सके हैं। जिसकी वजह से पार्षदों को दोबारा मतदाताओं के सामने जाने के लिए कुछ मूलभूत कार्य कराना बेहद आवश्यक हो गया है। यदि बजट में पार्षद फंड की पहले से ही व्यवस्था होगी, तो निगम पार्षदों को अपने इलाकों में काम कराने में आसानी होगी।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार भी एमसीडी के कामों को लेकर गंभीर है और स्वयं मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के निगम पार्षदों के साथ कई बार बैठकें कर चुकी हैं। दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग को भी आदेश दिये गये हैं कि निगम पार्षदों के द्वारा तैयार कराये गये एस्टीमेट्स पर तेजी से काम किया जाये और यथासंभव बजट जारी किया जाये।
आप की सत्ता के दौरान नहीं मिल सका पार्षदों को फंड
गौरतलब है कि 2022 में निगम चुनाव होने के पश्चात आम आदमी पार्टी एमसीडी की सत्ता पर काबिज हुई थी। परंतु ढाई वर्ष के आम आदमी पार्टी के शासनकाल में पार्षदों को कोई फंड नहीं मिल सका था। जिसकी वजह से पार्षदों के वार्ड्स में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े थे। आप के अल्पमत में जाने के पश्चात बीजेपी एमसीडी की सत्ता में आई है, इसके पश्चात पार्षदों के द्वारा अपने-अपने इलाकों में काम कराने के लिए भागदौड़ जारी है।