-2012 से जारी है बल्लीमारन की उपेक्षा, इमरान के पार्षद बनने के बाद से बिगड़े हालात, 2015 में विधायक बनने पर और भी बदतरः प्रवीण शंकर
-फराशखाना, कटरा बडियान में सफाई-सड़क-सीवर दुरुस्त दो कदम दूर नया बांस में बदहालीः प्रवीण शंकर
-मटिया महल विधान सभा का सीता राम बाजार एवं चावड़ी बाजार इलाके इकबाल परिवार की उपेक्षा के शिकारः प्रवीण शंकर
-1993 से विधायक रहे पिता शुएब इकबाल की राह पर चल रहे पुत्र आले मौहम्मदः प्रवीण शंकर
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली 27 अगस्त।
दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता एवं चांदनी चौक नागरिक मंच के महामंत्री प्रवीण शंकर कपूर (Praveen Shankar Kapoor) ने मटिया महल (Matia Mahal) से विधायक रहे शुएब इकबाल (Ex MLA Shoeb Iqbal) एवं उनके पुत्र आले मोहम्मद व बल्लीमारन (Ballimaran) से विधायक इमरान हुसैन (MLA Imran Husain) पर हिंदू बहुल इलाकों की उपेक्षा करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बुधवार को जारी एक प्रेस वक्तव्य में कहा है कि नागरिकों का आरोप है कि पूर्व विधायक शुएब इकबाल के साथ ही विधायक इमरान हुसैन एवं आले मौहम्मद और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने वर्षों से इन इलाकों की उपेक्षा की है।
प्रवीण शंकर कपूर ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स के माध्यम से विधायक और दिल्ली सरकार को पत्र भेजा है। उन्होंने विशेष तौर पर नया बांस-गली बताशा क्षेत्र की बदहाली की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने कहा कि 1993 से ही मटिया महल विधानसभा क्षेत्र पर इकबाल परिवार का वर्चस्व रहा है पर पहले शुएब इकबाल ने तो अब उनके बेटे आले मौहम्मद ने सीता राम बाजार, चावड़ी बाजार, माता सुंदरी रोड़ एवं दीन दयाल उपाध्याय मार्ग के हिन्दू बहुल इलाकों को विकास एवं रखरखाव से काट रखा है।
कपूर का कहना है कि इसी तरह “2012 में जब इमरान हुसैन पहली बार पार्षद बने थे, तभी से हिन्दू बहुल इलाकों की उपेक्षा शुरू हो गई थी। 2015 में उनके विधायक बनने के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। फराशखाना और कटरा बडियान जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में सड़क, सीवर, सफाई सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहती हैं, लेकिन दो कदम आगे हिन्दू बहुल नया बांस मोहल्ला जर्जर हालत में पड़ा है।
प्रवीण शंकर कपूर ने एक्स पर वीडियो अपलोड करते हुए लिखा है कि यह विडिओ खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि पुरानी दिल्ली के हिन्दू बहुल एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के रखरखाव और विकास पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए। आज पुरानी दिल्ली की तंग गलियों और ऐतिहासिक बाज़ारों में बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। यह मुद्दा केवल एक समुदाय का नहीं, बल्कि जनहित और समान विकास के अधिकार का सवाल है। “आप“ विधायक जवाब दें कि कब तक विकास एक समुदाय वर्ग तक सीमित रहेगा।