-इंडिया पोस्ट ने माना सॉफ्टवेयर बदलने की वजह से देश भर में आ रही परेशानी
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 18 अगस्त।
विश्व की सबसे बड़ी डाक व्यवस्था का दावा करने वाले इंडिया पोस्ट का पोर्टल पिछले कई दिनों से ठप चल रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को अपनी स्पीड पोस्ट की ट्रैकिंग रिपोर्ट नहीं मिल पा रही हैं। राजधानी दिल्ली के डाकघरों से पोस्टल ऑर्डर मांगने वालों को खाली हाथ लौटाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि भारतीय डाक विभाग ने अपने पोर्टल का सॉफ्टवेयर बदलवाया है। नया सॉफ्टवेयर ढंग से काम नहीं कर रहा है। यह समस्या अगस्त महीने की शुरूआत से ही शुरू हो गई थी। कई दिनों तक तक तो लोगों को अपनी स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड लेटर्स की बुकिंग में भी परेशानी आती रही। खास बात है कि अगस्त से पहले जिन लोगों ने अपनी स्पीड पोस्ट कराई थी अथवा रजिस्टर्ड लेटर्स भेजे थे, उन्हें अपनी स्पीड पोस्ट की ट्रैकिंग रिपोर्ट तक नहीं मिल पा रही है। जैसे ही स्पीड पोस्ट की बुकिंग का नंबर डाला जाता है तो इंडिया पोस्ट का पोर्टल उसे ‘बुक नहीं किया गया है’ बता देता है। जिसके चलते देशभर में लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
लोगों के सामने दूसरी बड़ी समस्या पोस्टल ऑर्डर्स लेने के मामले में आ रही है। राजधानी दिल्ली के ज्यादातर डाकघरों में लोगों को यह कहकर बिना पोस्टल ऑर्डर दिये लौटाया जा रहा है कि ‘पोर्टल नहीं खुल रहा है, जिसकी वजह से पोस्टल ऑर्डर नहीं दिये जा सकते। सबसे बुरा हाल इंडिया पोस्ट के संसद मार्ग स्थित सबसे बड़े डाक घर (कार्यालय) का है। यहां पिछले करीब 20 दिनों से लोगों को पोस्टल ऑर्डर जारी नहीं किये जा रहे हैं।
आश्चर्य की बात तो यह है कि संबंधित मामलों के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ चंद्रशेखर पेमासानी भी लोगों को हो रही समस्या का कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। जब इस बारे में शिकायत की गई तो इंडिया पोस्ट ने खुद माना है कि यह समस्या देशभर में आ रही है। एसा सॉफ्टवेयर बदलने की वजह से हो रहा है। वहीं सार्थक जन मंच के महासचिव ललित भैया ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रहे हैं और दूसरी ओर इंडिया पोस्ट का पोटल/वैब साइट केवल सॉफ्टवेयर चेंज होने की वजह से ठप हो गया है। एक-दो दिन की बात समझ में आ सकती है, पंरतु इस मामले में तो 15 से 20 दिन बीत गये हैं, अभी तक लोगों को अपने पुराने स्पीड पोस्ट की ट्रैकिंग रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है और नाही किसी पोस्ट ऑफिस में पोस्टल ऑर्डर मिल रहे हैं।