-पूर्व केंद्रीय मंत्री दसई चैधरी ने की कर्यक्रम की अध्यक्षता
एसएस ब्यूरो/हाजीपुर, वैशाली।
शहीद बैकुंठ शुक्ल का 92 वां शहादत दिवस कार्यक्रम का आयोजन दिघी कला पश्चिमी अदलपुर ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय के परिसर में आयोजित किया गया। मौके पर अनेक समाजसेवी, क्रांतिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए। सभी लोगों ने उनके तैल चित्र पर फूल माला अर्पित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री दसई चैधरी ने किया एवं संचालन शहीदे आजम भगत सिंह के संयोजक मनोज भूषण ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित वामपंथी नेता सुरेश प्रसाद सिंह ने उनके जीवनी पर प्रकाश डाला तथा उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी नेता बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री दसई चैधरी ने कहा कि वह भारत के एक राष्ट्रवादी एवं क्रांतिकारी नेता थे। वह योगेंद्र शुक्ला के भतीजे थे। जो हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापकों में से एक थे। उनका जन्म 15 मई 1901 को हुआ था. तथा मृत्यु 14 मई 1934 को हुई थी। देशद्रोही फनिद्र नाथ घोष की हत्या के लिए फांसी दी गई थी जो बाद में सरकार का मुख्य वीर बन बन गया था। जिसके कारण भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराज राजगुरु को फांसी दी गई थी। बैकुंठ शुक्ल ने फानेंद्र नाथ घोष की हत्या कर दी थी क्योंकि वह अंग्रेज सरकार का मुख्य वीर था। अन्य वक्ताओं ने भी उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला तथा देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महान भूमिका बताई। मौके पर उपस्थित अरुण कुमार, इंद्रदेव राय, दीनबंधु सिंह, डॉक्टर नंदू दास, ओमप्रकाश गुप्ता, सुरेश प्रसाद सिंह, मनोज भूषण सहित अनेक लोग शामिल
(संवाददाता राजेन्द्र कुमार)


