-लॉकडाउन के मारों पर नॉर्थ निगम के अधिकारियों का कहर
-बुकिंग कैंसल होने पर पैसे नहीं मिल रहे वापस, काट रहे चक्कर
-परेशान कर रहे केशवपुरम जोन से लेकर सिविक सेंटर के अधिकारी
कोरोना और लॉकडाउन के बाद लोगों के ऊपर अब नगर निगम के अधिकारियों की मनमानी कहर बनकर टूट रही है। अधिकारियों की उदासीनता और काम नहीं करने की वजह से लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ताजा मामला उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बागवानी विभाग से सामने आ रहा है। अब तक ऐसे दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं।
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एसा ही एक मामला केशव पुरम जोन से सामने आया है। सब्जी मंडी निवासी राजू सोनी ने शादी का समारोह आयोजित करने के लिए 26 अप्रैल 2020 के लिए रोशनारा क्लब के साथ वाला पार्क बुक कराया था। इसके लिए कुल 23 हजार 890 रूपये जमा किए गए थे।
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लेकिन इसी दौरान देशभर में लॉकडाउन हो गया। सभी विभागों द्वारा समारोहों के लिए की गई बुकिंग्स भी रद्द कर दी गईं। ऐसे में सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया कि सभी विभाग बुकिंग्स रद्द करने के साथ ही लोगों को उनके पूरे पैसे वापस करेंगे।
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राजू सोनी ने केशवपुरम जोन में अपने पैसे वापस करने के लिए 3 मई को आवेदन किया था। इसके बाद से जोन के अधिकारियों ने सिविक सेंटर और सिविक सेंटर के अधिकारियों ने जोन कार्यालय के चक्कर कटवाने शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि एसे दर्जनों मामले में हैं, जिनके बारे में नगर निगम बुकिंग शुल्क वापस नहीं कर रहा है।
काम का दबाव या लापरवाही?
मामला केशवपुरम जोन से संबंधित है और यहां की उपायुक्त इरा सिंघल हैं। जबकि अतिरिक्त उपायुक्त बतौर बागवानी विभाग की जिम्मेदारी डॉ रश्मि सिंह के पास है। इसे काम का दबाव कहें या लापरवाही? कि इन दोनों अधिकारियों के पास बहुत सारे विभाग हैं। शायद यही कारण है कि इन्हें लोगों की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन अधिकारियों को यह समझना होगा कि नगर निगम का काम लोगों की समस्याएं दूर करना है, बढ़ाना नहीं।
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