-उत्तरी दिल्ली में 111 वीआईपी संपत्तियों के काटे गये चालान
-अप्रैल से जुलाई के बीच चला नगर निगम का अभियान
उत्तरी दिल्ली नगर निगम अपनी आर्थिक स्थिति और संपत्तियों को बेचे जाने के लिए भारी चर्चा में है। इस बीच निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक अच्छी खबर भी आ रही है। निगम ने डेंगू और मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ अभियान में अप्रैल से जुलाई के बीच 111 वीआईपी संपत्तियों के चालान काटे हैं। इनमें पुलिस थाने से लेकर मेट्रो स्टेशन, स्कूल-कॉलेज, रेलवे, पीडब्लूडी व दूसरे बड़े सरकारी विभागों के कार्यालय शामिल हैं। एमएचओ का कार्यभार संभाल रहे डॉक्टर एसपी अहीर ने बताया कि निगम कर्मचारी हर शरिवार को सरकारी संपत्तियों की जांच करते हैं।
बता दें कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने सबसे ज्यादा 60 वीआईपी चालान करोलबाग जोन में और सबसे कम 1 वीआईपी चालान सिटी-सदर पहाड़गंज जोन में काटे हैं। इनके अलावा राहिणी जोन में 19, केशव पुरम जोन में 14, सिविल लाइंस जोन में 9 और नरेला जोन में 8 वीआईपी चालान काटे गये हैं। नगर निगम के मलेरिया विभाग के डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स जब डेंगू, मलेरिया और दूसरी बीमारियां फैलाने वाले मच्छरों की रोकथाम के लिए घर-घर गये तो उन्होंने यहां मच्छरों का लार्वा पाया।
उत्तरी दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि इस मौसम में जल और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जल्दी ही टीफा मशीनों से फॉगिंग शुरू की जाएगी। इसके अलावा जनजागरण अभियान शुरू किया गया है। हर जोन में लोगों को जागरूक करने के लिए दो-दो ऑटो रिक्शा लगाये गये हैं। इनके अलावा रेलवे ट्रैक पर छिड़काव शुरू कर दिया गया है। लोगों को जागरूक करने के लिए होर्डिंग लगाने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए 55 स्थानों पर एंटी लार्वा फिश छोड़ी गई हैं।