-21 मई को ही होगी सदन की बैठक, परंतु नहीं हो सकेगी चुनावी कार्यवाही
हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्ली।
बहुप्रतीतक्षित स्थायी समिति के गठन में अभी कुछ और समय लगेगा। 21 मई को दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक तो होगी, परंतु इसमें स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हो सकेगी। बताया जा रहा है कि स्थायी समिति के सदस्यों और वार्ड कमेटियों के चुनाव अब जून के पहले सप्ताह के आसपास ही संभव हो सकते हैं। इसके बाद स्थायी समिति के गठन यानी कि चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
गौरतलब है कि पहले स्थायी समिति के एक सदस्य का चुनाव 21 मई को होना था और 22 मई को वार्ड कमेटियों का चुनाव कराया जाना था। परंतु भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव के बीच इस चुनाव को रद्द कर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि अब यह चुनाव जून माह के प्रथम सप्ताह के आसपास ही संभव हो सकते हैं।
बता दें कि 2022 में दिल्ली नगर निगम का चुनाव होने के बाद से ही स्थायी समिति का गठन नहीं किया जा सका है। खास बात है कि निगम में सत्ता परिवर्तन के साथ बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को बेदखल करके कार्यभार संभाला है। इसी के साथ स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले सदन से स्थायी समिति के लिए खाली हुई एक सीट के लिए निर्वाचित होने वाले एक सदस्य का चुनाव 21 मई को सदन की बैठक में कराया जाना था। जो कि कमलजीत सहरावत के सांसद चुने जाने के साथ खाली हुआ है।
इसके साथ ही 12 वार्ड कमेटियों के चेयरमैन एवं डिप्टी चेयरमैन के लिए 22 मई को चुनाव होना था। इसी के साथ स्थायी समिति के लिए खाली हुए 2 सदस्यों के पदों के लिए खाली हुए स्थानों के लिए भी चुनाव होना था। परंतु भारत-पाक संबंधों में तनावों के बीच इसे रद्द कर दिया गया था।
गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति में कुल 18 सदस्य होते हैं। इनमें से 6 का चुनाव सदन की बैठक में सीधे तौर पर और 12 सदस्यों का चुनाव अलग अलग 12 जोन यानी वार्ड समितियों से किया जाता है। सदन से सीधे स्थायी समिति के लिए चुनी गईं कमलजीत सहरावत अब सांसद बन चुकी हैं, अतः यह सीट खाली हो गई है। इसी के साथ वार्ड समितियों से दो पार्षदों के विधायक चुने जाने के बाद से दो सीट और खाली हो गई हैं। ऐसे में स्थायी समिति के लिए पहले 3 सदस्यों का चुनाव किया जाना है। इसके पश्चात ही स्थायी समिति का गठन किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि स्थायी समिति के लिए रिक्त हुए तीनों स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के पार्षद ही चुनकर आयेंगे। अतः मेयर के पद की तरह स्थायी समिति पर भी बीजेपी का ही कब्जा होने की पूरी संभावना है।
ये है एमसीडी की वर्तमान स्थिति
250 सदस्यों (निगम पार्षदों) वाले दिल्ली नगर निगम फिलहाल 238 सदस्य हैं और 12 सीट खाली हैं। इनमें से बीजेपी के पास 117 पार्षद, आम आदमी पार्टी के पास 113 पार्षद और कांग्रेस के पास 8 निगम पार्षद हैं।
निगम की एक सीट पर होना है एल्डरमैन का मनोनयन
दिल्ली नगर निगम में एल्डरमैन बतौर 10 पार्षदों का मनोनयन किया जाता है। फिलहाल बीजेपी नेता राजकुमार भाटिया के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने साथ ही दिल्ली नगर निगम में एक सीट एल्डरमैन पार्षद के लिए भी खाली हो गई है। इसके लिए भी जल्दी ही उपराज्यपाल की ओर से अधिसूचना जारी किये जाने की संभावना है।
12 वार्डों में होना है निगम पार्षदों का उपचुनाव
स्थायी समिति एवं वार्ड कमेटियों के अतिरिक्त दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में उपचुनाव भी होने हैं। कारण है कि इन 12 निगम पार्षदों में से एक सांसद और 11 विधायक चुने जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि निगम उपचुनाव के लिए भी जल्दी चुनाव आयोग की ओर से अधिसूचना जारी की जा सकती है। फिलहाल जिन वार्डों में निगम पार्षद के लिए उपचुनाव होने हैं उनमें मुंडका, शालीमार बाग बी, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका बी, दिचाऊं कलां, नारायणा, संगम विहार ए, दक्षिण पुरी, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर वार्ड शामिल हैं।


