-ग्रामीण गांवों में 500 वर्ग मीटर और शहरीकृत गांवों में 200 वर्ग मीटर के मकानों को हाउस टैक्स से छूट
-मरम्मत व रखरखाव कार्यों के लिए आरडब्लूए को मिलेंगे 25 हजार रूपये
-300 से बढ़ाकर 3 हजार होगा पार्षदों को मिलने वाला मीटिंग भत्ता
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 13 फरवरी, 2026।
दिल्ली नगर निगम के नेता सदन प्रवेश वाही ने शुक्रवार को एमसीडी का 17,583 करोड़ रूपये का बजट पेश किया। इस दौरान वर्ष 2025-26 का संशोधित बजट अनुमान तथा वर्ष 2026-27 के बजट अनुमारों को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने दावा किया कि बजट में जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मदों में भी बढ़ोतरी की गई है ।
प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली के ग्रामीण निवासियों को सीधा लाभ पहुंचाते हुए 49 पूर्णतः ‘ग्रामीण’घोषित गांवों में जिन लोगों के पास 500 मीटर तक आवासीय पुश्तैनी मकान हैं, उनको हाउस टैक्स से पूरी तरह छूट प्रदान की जा रही है। शहरीकृत गांवों में 200 मीटर तक के मूल निवासियों के आवासीय भवनों का सम्पत्ति-कर माफ किया जा रहा है।
दिल्ली की सभी ग्रुप हाउसिंग सोसायिटीज़ को समय पर टैक्स जमा कराने पर सम्पत्ति कर में 15 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान किया गसर है, जो आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था।
प्रवेश वाही ने आगे कहा कि प्रत्येक वार्डों में मरम्मत कार्य एवं रख-रखाव के लिए प्रत्येक वार्ड की 20 आरडब्लूए को 25-25 हजार रू० की वित्तीय राशि प्रदान की जाएगी, जिसके लिए संबन्धित पार्षद व कनिष्ठ अभियंता की संस्तुति आवश्यक होगी। एमसीडी में कार्यरत् सभी एमटीएस को समान वेतन का लाभ मिलेगा। इससे 4000 एमटीएस कर्मियों को लगभग 9 हजार रूपये प्रति व्यक्ति लाभ पहुंचेगा व उनकी लंबी समय से चली आ रही समान वेतन की मांग पूरी होगी।
भलस्वा व ओखला लैंडफिल साइट (कूड़े के पहाड़) को दिल्ली सरकार के सहयोग से 2026 के अंत तक व गाजीपुर लैंडफिल को 2027 के अंत तक समाप्त करने की घोषणा भी की गई है। अभियांत्रिक, स्वास्थ्य, आयुष और अन्य विभागों के दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को पर्यावरण प्रबंधन की एक समान नीति के अनुपालन में वर्ष 2006 से वर्ष 2012 के बीच लगाए गए 375 बेलदारों को आगामी तिथि से नियमित किया जाएगा।
प्रवेश वाही ने बताया कि स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन निगम की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल हैं, जिसके लिए दिल्ली नगर निगम द्वारा 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें जल्द ही बेड़े में शामिल कर दी जाएगीं। साथ ही, कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 1000 लिटर पिकर मशीनें जल्द ही आ रही हैं तथा प्रति वार्ड 4-4 लिटर पिकर मशीन दिए जाएंगे।
दिल्ली नगर निगम द्वारा दिल्ली सरकार के सहयोग से 250 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर जनता को समर्पित किए जाएंगे। इस बार निगम ऐसे स्नातक युवक/युवतियों को जो कि बेरोजगार है, उन्हें रोजगार के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऐसी नई पार्किंग आबंटित की जाएंगी, जहाँ पर 100 वाहनों (कार, स्कूटर आदि) की व्यवस्था हो और ये पार्किंग टैंडर के बाद लॉटरी सिस्टम के आधार पर दी जाएंगी, जिससे पारदर्शिता रहेगी।
महिलाओं व दिव्यांगों के लिए नई योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में 15 विधवा महिलाओं, सिंगल मदर, दिव्यांग को 21 हजार रूपये की राशि उनकी पुत्री की शादी के लिए प्रदान करेंगे तथा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्रति वार्ड 10-10 सिलाई मशीनें तथा दिव्यांगों को 10-10 साइकिल दी जाएंगी।
दिल्ली नगर निगम विद्यालयों को टूटफूट एवं मरम्मत के लिए 22 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध करा दी गई है और विद्यालयों की छोटी-छोटी मरम्मत हेतु लगभग 18 करोड़ रूपये की राशि सभी विद्यालयों में दी जा चुकी है। आने वाले वर्ष में स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रूपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
प्रवेश वाही के मुताबिक निगम पार्षदों को मिलने वाली प्रति बैठक भत्ता को बढ़ा कर 3,000/- रुपये प्रति बैठक कर रहे हैं। यह प्रस्ताव दिल्ली सरकार एवं उप राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा । निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए पहली बार कैशलैस हॉस्पिटल ट्रीटमेंट योजना लागू कर दी गई है, जिससे सभी कर्मचारी पैनल के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क इलाज करवा पाएंगे। निगम पार्षद साथियों के हित में सभी निगम पार्षदों को भी पैनल वाले अस्पतालों में सी.जी.एच.एस. दरों पर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, दिल्ली से बाहर रहने वाले एमसीडी कर्मचारी या पेंशनभोगी अखिल भारतीय स्तर पर सीजीएचएस अस्पताल से चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग सीजीएचएस अधिकारियों के साथ समन्वय करेगा और इस संबंध में परिपत्र जारी करेगा।


