दक्षिणी दिल्ली में किसान पंचायत का आयोजन

-बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने किया संबोधित
-केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल मौजूद रहे

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली
कृषि बिलों के समर्थन में दक्षिणी दिल्ली में सांसद रमेश बिधूड़ी के नेतृत्व में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, दिल्ली प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विक्रम बिधूड़ी मौजूद रहे। इसके अलावा दक्षिणी दिल्ली जिले के बदरपुर गॉंव, हरिनगर, जैतपुर, मोलड़बन्द, ताजपुर, आली गॉंव, मदनपुर खादर, तैमूर नगर, जसोला, गढ़ी, तुगलकाबाद, हरकेश नगर, तेखण्ड, देवली आदि गॉंवों के किसानों ने पंचायत में भाग लिया।

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इस दौरान सांसद रमेश बिधूड़ी ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषि सुधार बिल किसानों को समृद्ध, सशक्त और स्वतंत्र बनाने वाला बिल है। जिसमें किसानों की आय दोगुनी हो इस संकल्प को पूरा करने की ओर मोदी सरकार बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार गरीब, मजदूर, किसान के विकास के लिए समर्पित है और अपने पहले कार्यकाल से किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रही है। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को समृद्ध और किसानों को सशक्त बनाने पर रहा है।

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बिधूड़ी ने कहा कि किसानों की उन्नति हेतु बदलाव दशकों पहले ही हो जाना चाहिए था परन्तु वर्षों तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस सरकार किसानों के हितों की बजाय बिचौलियों के साथ खड़ी थी। उन्होंने कहा कि संसद में पास हुए विधेयक से 70 साल के बाद मोदी जी के नेतृत्व में किसानों की उन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ है, किसानों को बिचौलियों के चुंगल से मुक्ति मिली है।
बिधूड़ी ने बताए किसानों को बिल के फायदेः
रमेश बिधूड़ी ने आगे कहा कि अब कृषि सुधारों के माध्यम से किसानों को मंडियों के साथ-साथ एक नया प्लेटफार्म प्राप्त होगा। वह अपनी फसल को अपनी इच्छा के मूल्यों पर बेच सकेंगें। अब किसान खरीददार से सीधे संपर्क कर सकेंगे और बीच में बिचौलियों को मिलने वाले लाभ के बजाय किसान को उनके उत्पाद की पूरी कीमत मिलेगी। अगर इस दौरान किसी भी विवाद की स्थिति बनती है तो उसका निपटान भी 30 दिनों में स्थानीय स्तर पर हो सकेगा। खरीददार द्वारा उपयुक्त कृषि मशीनरी तथा उपकरण की व्यवस्था की जाएगी। देश में 10 हजार कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ) निर्मित किए जा रहे हैं। कांट्रैक्ट सिर्फ उपज पर लागू होगा किसान की जमीन पर नहीं। किसानों को अपने उत्पाद के लिए कोई उपकर नहीं देना होगा और उन्हें ढुलाई का खर्च भी वहन नहीं करना होगा।