-राजधानी की आबोहवा में फिर घुलने लगा जहर
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली।
राजधानी की हवा में एक बार फिर से प्रदूषण का जहर घुलने लगा है। जिसके बाद आज दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 को फिर से लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही कुछ पाबंदियां भी बढ़ा दी गई हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की जीआरएपी उप-समिति ने आज ग्रैप-3 को तत्काल प्रभाव से पूरे दिल्ली एनसीआर में लागू करने का निर्णय लिया है।
एक्यूआई 350 में लगाया ग्रैप -3
दिल्ली में सोमवार की सुबह 7 बजे एक्यूआई 345 दर्ज किया गया था। हालांकि उसके बाद भी पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप 3 लागू कर दिया गया। बता दें कि ग्रैप-3 लागू होने के लिए एक्यूआई 400 के पास होना चाहिए लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट की पिछली सुनवाई में दी गई सलाह पर इसे 350 पर ही लागू कर दिया गया है।
ये हैं पाबंदियां
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए जीआरएपी-3 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) फिर से लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण रोकने के लिए सख्त उपाय किए गए हैं, जिनमें डीजल मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण और खुदाई कार्य पर रोक, और स्कूलों में हाइब्रिड मोड शामिल हैं।
ग्रैप-3 में स्कूलों को लेकर गाइडलाइंस
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के कारण पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप 3 लागू कर दिया गया है। जिसके बाद स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड लागू कर दिया गया है। माता-पिता अपने बच्चों के लिए स्कूल या ऑनलाइन क्लास में से कोई एक विकल्प चुन सकते हैं।
इस तरह लागू होते हैं ग्रेप के नियम
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के विभिन्न चरण लागू किए जाते हैं। आमतौर पर सर्दियों के मौसम में खासकर नवंबर से जनवरी के बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तेजी से बढ़ने लगता है। जब । एक्यूआई एक निश्चित सीमा को पार कर जाता है तो ग्रेप के विभिन्न चरणों को लागू किया जाता है।