-परिवार के लोगों ने की एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन से मुलाकात
-जेल में बंद है दिल्ली दंगों का मास्टर माइंड ताहिर हुसैन
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 10 दिसंबर।
साल 2020 में दिल्ली दंगों का मास्टर माइंड ताहिर हुसैन असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के टिकट पर दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ेगा। असदुद्ीन ओवैसी ने मंगलवार को अपने एक्स हेंडल से इस बात की घोषणा की। ताहिर हुसैन अभी जेल में बंद है परंतु वह जेल से ही एआईएमआईएम में शामिल हो गया है।
ओवैसी ने एक्स पर लिखा है कि मंगलवार को ताहिर के परिवार के लोग उनसे मिले और सभी लोग उनकी पार्टी में शामिल हो गये हैं। ओवैसी ने घोषणा की है कि ताहिर मुस्तफाबाद सीट से उनकी पार्टी का उम्मीदवार होगा। बता दें कि ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी के टिकट पर मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के ही एक वार्ड से निगम पार्षद का चुनाव जीता था। परंतु दिल्ली दंगों में आरोपी बनने के बाद आप ने उससे किनारा कर लिया था। अब असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्तफाबाद सीट से ताहिर को अपना उम्मीदवार बनाया है।
दिल्ली में ओवैसी को जीत मिलना मुश्किल!
असदुद्दीन ओवैसी ने भले ही दिल्ली दंगों के प्रमुख आरोपियों में से एक ताहिर हुसैन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया हो, परंतु दिल्ली में ओवैसी की पार्टी को जीत मिल पाना उनकी पार्टी का खाता खुल पाना मुश्किल है। क्योंकि पिछले कुछ चुनावों पर नजर डालें तो ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार चुनाव में उतरते जरूर हैं, किंतु दिल्ली के मुस्लिम मतदाता उन्हें महत्व नहीं देते हैं।
हालांकि सियासी विशेषज्ञों का कहना है कि 40 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम मतदाताओं वाली मुस्तफाबाद सीट पर आवैसी के द्वारा ताहिर हुसैन को चुनावी मैदान में उतारने से आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को मुश्किल हो सकती है। क्योंकि ताहर के चुनाव में उतरने से मुस्लिम वोटों को कुछ हद तक बंटवारा हो सकता है। इसका फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है। क्योंकि आम आदमी पार्टी ने इस सीट से आदिल अहमद खान को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस मुस्तफाबाद सीट से पूर्व विधायक हसन अहमद के पुत्र अली मेंहदी को एक बार फिर से अपना उम्मीदवार बना सकती है।
कपिल मिश्रा ने साधा निशाना
बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए अपने एक्स हेंडल पर लिखा है कि ’जिस ताहिर हुसैन ने दिल्ली में सैकड़ो हिंदुओं की हत्या की साजिश रची थी। जिसके घर में हिंदुओं को मारने के लिए बम, पत्थर, गुलेल रखे थे। जिसने सीबीआई ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या 400 बार चाकुओं से गोद कर शव नाले में फेंक दिया था। ऐसे जिहादी को चुनाव मैदान में उतारकर दिल्ली के हिंदुओं को चुनौती देने की कोशिश की जा रही हैं। अगर दिल्ली में दुबारा दंगे करवाने की कोशिश की गई तो अंजाम तुम्हारी सात पीढ़ियां याद रखेंगी।’
दिल्ली दंगों का आरोपी है ताहिर हुसैन
ताहिर हुसैन दिल्ली के नेहरू विहार से आम आदमी पार्टी (आप) से पार्षद रहा है। लेकिन, साल 2020 में दिल्ली दंगों में नाम सामने आने पर आम आदमी पार्टी ने ताहिर को पार्टी से निकाल दिया था। गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे हुए थे। इन दंगों में कई लोग मारे गए थे, बहुत से लोग घायल हुए थे। दंगों के बाद पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के घर से पेट्रोल बम फेंकते हुए युवकों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
दिल्ली की एक कोर्ट ने इसी साल मई 2020 में दिल्ली दंगों के एक मामले में पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत दे दी थी और कहा था कि उसकी भूमिका ’दूरस्थ प्रकृति की’ थी और वह पहले ही तीन साल से अधिक समय हिरासत में बिता चुका है। हालांकि, जमानत मिलने के बाद भी ताहिर हुसैन जेल में बंद हैं, क्योंकि वह दंगों के अन्य मामलों में भी आरोपी है, जिसमें सांप्रदायिक दंगों के पीछे साजिश और वित्तपोषण से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग का मामला शामिल है।