-55 लाख प्राईवेट कर्मचारियों को होगा फायदा
-1 अप्रैल 2021 से लागू होंगी बढ़ी हुई दरें
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली
कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली सरकार ने निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियो व मजदूरों को बड़ी राहत दी है। दिल्ली सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की है। इसके तहत अकुशल मजदूरों के मासिक वेतन में 416 रूपये की बढ़ोतरी की है। अब बाजारों, दुकानों, कार्यालयों, फैक्ट्रियों व अन्य प्रकार के निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को 15,492 रूपये के बजाय 15,908 रूपये मासिक वेतन देना होगा। इसी तरह अर्ध कुशल श्रमिकों-कर्मचारियों के मासिक वेतन में 468 रूपये की बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें 17,069 रूपये के बजाय बढ़ाकर 17,537 रुपये मासिक वेतन मिलेगा।
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दिल्ली सरकार ने कुशल श्रमिकों के मासिक वेतन में 494 रूपये की बढ़ोतरी की है। अब उन्हें फर्म या संस्थानों के मालिकों के द्वारा 18,797 रूपये से बढ़ाकर 19,291 रुपये मासिक वेतन देना होगा। खास बात है कि दिल्ली सरकार के द्वारा न्यूनतम वेतन में की गई यह बढ़ोतरी नियोक्ताओं द्वारा 1 अप्रैल 2021 से बढ़ाकर देनी होगी। इसके साथ नॉन मैट्रिक सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के साथ ही गैर स्नातक और स्नातक वर्ग के कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में भी बढ़ोतरी की गई है।
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अब दिल्ली में दिल्ली में गैर मैट्रिक कर्मचारियों का मासिक वेतन 17,069 से बढ़ाकर 17,537 रूपये किया गया है। गैर स्नातक कर्मचारियों का मासिक वेतन 18,797 रूपये से बढ़ाकर 19,291 रूपये और स्नातक और इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले कर्मचारियों का मासिक वेतन 20,430 से बढ़ाकर 20,976 रूपये किया गया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में मजदूरों-कर्मचारियों को मिलने वाला न्यूनतम वेतन, देश के अन्य किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है।
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उन्होंने आगे कहा कि इस बढ़ोतरी से कम से कम 55 लाख कर्मचारियों-श्रमिकों को फायदा होगा। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गए हैं कि न्यूनतम वेतन के नये आदेश का सख्ती से पालन कराया जाये। कोरोना की वजह से सभी वर्गों पर खासा असर पड़ा है। दाल और तेल जैसी वस्तुओं बहुत ज्यादा मंहगी हुई हैं। इसकी वजह से हमने असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए उनके न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है।