-प्रवेश रतन के बाद शंटी ने थामा आप का दामन, अभी और भी बीजेपी छोड़ने की लाइन में
-शंटी के लिए विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने छोड़ी चुनावी राजनीति!
हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 5 दिसंबर।
दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा किसी भी दिन हो सकती है, परंतु दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ‘अपनों’ को अपना बनाये रखने में नाकाम साबित हो रहा है। लक्ष्मी नगर से बीबी त्यागी, किराड़ी से अनिल झा और छतरपुर से ब्रह्म सिंह तंवर के बीजेपी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद अब 2020 में पटेल नगर से बीजेपी उम्मीवार रहे प्रवेश रतन बुधवार को बीजेपी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गये। वहीं गुरूवार को जितेंद्र सिंह शंटी ने बीजेपी छोड़ दी और आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी ज्वॉइन कर ली।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया है। जिसमें गोयल ने लिखा है कि वह बढ़ती उम्र की वजह से चुनावी राजनीति से सन्यास ले रहे हैं। खास बात यह है कि 25 नवंबर को लिखे गये पत्र को 5 दिसंबर को आप के द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किया गया है, इसी दिन जितेंद्र सिंह शंटी ने बीजेपी छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वॉइन की है।
बागियों ने BJP नेतृत्व पर लगाये अनदेखी के आरोप
बुधवार को बीजेपी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले प्रवेश रतन ने दिल्ली बीजेपी नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं के साथ बेरूखी के गंभीर आरोप लगाये हैं। दिल्ली बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कई मजबूत लोगों को पार्टी में महत्व नहीं दिया जा रहा है, जबकि कमजोर लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। खास तौर पर दूसरे दलों से आने वालों के सामने पार्टी के बरसों पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं को नकारा जा रहा है। कई मामलों में तो पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को बेइज्जत करने तक की चर्चाएं हैं। ऐसे में लोग अपना मान सम्मान बचाये रखने के लिए आम आदमी पार्टी की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
दिल्ली BJP ने बताया अपमानजनक व्यवहार


दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने ‘दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के चुनावी राजनीति छोड़ने’ के मामले को उनके साथ अपमानजनक व्यवहार बताया है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को अपने उम्मीदवार बदलने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल अपने विधायकों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, वह चौंकाने वाला है। उन्होंने पहले ही कई वर्तमान विधायकों के टिकट काट दिए हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि वह इन्हें धनाढ्य खरीदारों को बेच रहे हैं। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के साथ किया गया व्यवहार चौंकाने वाला है।
प्रवीण शंकर कपूर ने प्रेस वक्तव्य में कहा कि ‘दिल्लीवासी आज यह देखकर हैरान हैं कि अरविंद केजरीवाल ने पूर्व कांग्रेस विधायक मतीन अहमद, जो कि हाल ही में आप में शामिल हुए हैं, को पंजाब पुलिस की निगरानी में क्यों रखा है? मतीन अहमद, जिन पर कभी कोई खतरा नहीं था, अब शायद आप छोड़ने की सोच रहे हैं। ऐसे में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने नुकसान की भरपाई के लिए मतीन अहमद को पंजाब पुलिस। की निगरानी में रखा है ताकि उन पर निगरानी रखी जा सके।