मलेरिया के बढ़ते आंकड़ों के बीच DBC कर्मियों की हड़ताल शुरू

-29 वर्षों से कार्यरत डीबीसी कर्मचारियों में एमसीडी अधिकारियों के भेदभाव को लेकर नाराजगी

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 22 जुलाई।
29 वर्षों से लगातार दिल्ली वालों को मलेरिया, चिकनगुनिया आदि बीमारियों से बचाते आ रहे डीबीसी कर्मचारी मंगलवार 22 जुलाई से एक बार फिर हड़ताल पर चले गये हैं। यह कर्मचारी अपने साथ एमसीडी अधिकारियों के द्वारा किये जा रहे भेदभाव को लेकर नाराज हैं। इस मामले में उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और निगम आयुक्त को पहले ही अवगत करा दिया गया है।
एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष मदन पाल एवं महासचिव देवानंद शर्मा ने बताया कि 8 जुलाई 2025 को दिल्ली नगर निगम के जन स्वास्थ्य अधिकारी की चेयरमैनशिप में कर्मचारियों के साथ मीटिंग की गई थी। जिसमें कोई सकारात्मक रवैया न नज़र आने के कारण सभी कर्मचारियो में भारी रोष व्याप्त है। अब एमसीडी अधिकारी डीबीसी कर्मचारियों में जूनियर को सीनियर और सीनियर को जूनियर बना रहे हैं, जो कि कानूनन गलत है। कोई भी एमसीडी अधिकारी कर्मचारियों की सुनने को तैयार नहीं है ।
दोनों कर्मचारी यूनियन नेताओं ने कहा कि कई जूनियर कर्मचारियों को उनकी तनखा बढ़ाकर भी दी जा रही है। सन् 1996 से कार्यरत कर्मचारियों को आज तक भी मिनिमम वेज पर रखा जा रहा है। कोई सुनवाई न होने पर और किसी भी तरीके से कोई भी अधिकारी कर्मचारी के साथ हो रहे भेदभाव को गंभीरता से नहीं ले रहा है। जिसकी वजह से हमें दिल्ली नगर निगम मुख्यालय पर हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ा है।
महासचिव देवानंद शर्मा ने बताया कि यदि जल्दी कोई समाधान नहीं निकला तो डीबीसी कर्मचारी प्रतिदिन रोड पर 12 जोनों में पूरी ताकत के साथ पैदल परेड कर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए मार्च करेंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार 17 जुलाई को निगम के एडिशनल कमिश्नर द्वारा आयोजित मीटिंग में कोई फैसला लिखित रूप से न आने के कारण भी कर्मचारियों में भारी रोष है। जिसकी वजह से डीबीसी कर्मचारियों को हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा है।