-13 हजार करोड़ के बकाया की वसूली के लिए निगम के नेताओं के हौसले बुलंद
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली
हाई कोर्ट की ओर से हो रही लगातार टिप्पणियों के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार दबाव में है। इसके चलते बीजेपी शासित नगर निगम के नेताओं ने भी 13 हजार करोड़ की वसूली के लिए दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। केजरीवाल सरकार की कार्यप्रणाली पर कोर्ट की तल्ख टिप्पणियां पिछले समय में निगम के नेताओं द्वारा किये गए धरना-पदर्शन का ही नतीजा हैं।
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मंगलवार को एक बार फिर दिल्ली के तीनों महापौर प्रदेश बीजेपी कार्यालय में इमट्ठा हुए और आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल जब एनजीओ चलाते थे या जब आम आदमी पार्टी की स्थापना कर रहे थे तो वह लोकपाल के साथ ही मजबूत एवं स्वतंत्र नगर निकायों की बात करते थे। लेकिन सत्ता में आने के बाद लोकपाल उनकी वरीयता से कब गायब हो गया? किसी को पता नहीं लगा और नगर निगमों को कमजोर करना और उन्हें विफल करना उनकी राजनीतिक वरीयता बन गई।
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उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने कहा कि गत 6 वर्ष से दिल्ली सरकार राजनीतिक द्वेष के साथ नगर निगमों को आर्थिक रूप से पंगु बनाने में लगी है। नगर निगमों के संवैधानिक फंड नहीं दिए जा रहे, चौथे दिल्ली वित्त आयोग के द्वारा फंड में की गई वृद्धि को विधानसभा में स्वीकार करके भी केजरीवाल सरकार ने आज तक लागू नहीं किया है। जिसके कारण दिल्ली में अनेक जनसेवायें प्रभावित हो रही हैं और निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि एक ओर आम आदमी पार्टी की सरकार नगर निगमों को पैसे से वंचित कर रही है वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के प्रवक्ता रोज बेबुनियाद आरोप लगाकर नगर निगमों की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं।
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बता दें कि सोमवार 5 अप्रैल को एक मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि ‘अखबारों में नेताओं के फोटो वाले पूरे पन्ने के विज्ञापन दिये जा रहे हैं, इस प्रचार के लिए पैसा कहां से आ रहा है? क्यो यह अपराध नहीं है। नगर निगम के कर्मचारियों का वेतन और पेंशन देने से आपकी प्रशंसा ओर बढ़ेगी।’ बीजेपी भी केजरीवाल सरकार के प्रचार को लेकर लंबे समय से सवाल उठाती आ रही है। इससे पहले भी दिल्ली हाई कोर्ट ने आप सरकार के खिलाफ तल्ख टिप्पणी की थी।
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जय प्रकाश ने अरविन्द केजरीवाल पर झूठे प्रचार कर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की पहली ऐसी सरकार है, जो समय-समय पर कोर्ट से फटकार खाती है फिर भी कार्य करने की शैली में कोई अंतर नहीं आया है। उन्होंने मीडिया के सामने आंकड़े रखते हुए कहा सिर्फ उत्तरी दिल्ली नगर निगम को ही केजरीवाल सरकार से विभिन्न मदों में 6,309 करोड़ रुपये बकाया लेना है।
पूर्वी दिल्ली के महापौर निर्मल जैन ने केजरीवाल सरकार द्वारा ग्लोबल शेयर व्यवस्था खत्म करने पर कहा कि अब सरकार अपनी मर्जी से फंड तय कर रही है जिसके चलते डर है कि निगमों के फंड में भारी कटौती होगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम का केजरीवाल सरकार पर 4,590 करोड़ रुपये बकाया है जिससे निगम सेवाएं प्रभावित हो रही है।
दक्षिणी दिल्ली के महापौर अनामिका मिथिलेश ने कहा कि निगम के आर्थिक संसाधन सीमित हैं और इसका फायदा उठाकर केजरीवाल सरकार हर वक्त निगम को पंगु बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को दिल्ली सरकार से 2,304.69 करोड़ रुपये लेना है। लेकिन दिल्ली सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।


