-अगले सप्ताह तक ट्रांसफर आदेश आने की उम्मीद
हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्लीः 21 अगस्तः 2025।
‘शेयर होल्डर’ और ‘ब्लैक मेलर’ के मुद्दे के तूल पकड़ने के साथ ही निगम आयुक्त अश्विनी कुमार के ट्रांसफर और शाहदरा जोन के उपायुक्त बादल कुमार की ‘घर वापसी’ की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आम आदमी पार्टी के एमसीडी के शासनकाल में सत्ताधारी दल की नाक में दम बनाये रखने वाले कुछ निगम अधिकारी अब भारतीय जनता पार्टी के लिए अपने साशनकाल में सिर दर्द बनते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि अपने ही पार्षद के खिलाफ स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में असंवेधानिक एवं अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल के बावजूद एमसीडी में सत्ताधारी बीजेपी के नेता इनके खिलाफ अपना मुंह तक नहीं खोल पा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि निगम आयुक्त अश्विनी कुमार का दिल्ली में तैनाती का यह कार्यकाल पूरा हो चुका है और जल्दी ही उनका तबादला केंद्र सरकार के किसी विभाग या अन्यत्र किया जा सकता है। 1992 बैच के आईएएस अधिकारी अश्विनी कुमार को केंद्र सरकार के द्वारा मई 2022 में एमसीडी का स्पेशन ऑफिसर नियुक्त किया गया था। इसके पश्चात 1998 के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश भारती के ट्रांसफर के साथ ही अश्विनी कुमार को एमसीडी का आयुक्त बनाया गया था। सूत्रों का यह भी कहना है कि गुरूवार को संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया है और अगले सप्ताह तक इस तरह का कोई आदेश गृह मंत्रालय की ओर से आ सकता है। ऐसी स्थिति में एमसीडी को कोई नया आयुक्त मिल सकता है।
दूसरे विवादित अधिकारी बादल कुमार (ISS Officer) हैं, जो कि शाहदरा साउथ जोन के उपायुक्त हैं। उनका दिल्ली का कार्यकाल 2023 में ही खत्म हो चुका था। उनकी सेवाओं को तब एक साल के लिए ब़ढ़ाया गया था, जो कि साल 2024 में ही खत्म हो चुका है। आम आदमी पार्टी के शासनकाल में 19 दिसंबर 2024 को एमसीडी के सदन की बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था, जिसमें निर्णय लिया गया था कि बादल कुमार एमसीडी में डीसी के रूप में काम नहीं करेंगे। इसके बावजूद बादल कुमार की सेवाएं एमसीडी में लगातार बनी हुई हैं।
सूत्रों का कहना है कि तब बादल कुमार जैसे अधिकारियों का पार्षदों और निगम के नेताओं के प्रति रवैया बीजेपी को रास आ रहा था, जिसकी वजह से उन्हें लगातार एक्सटेंसन मिलता रहा। परंतु अब ऐसे अधिकारी बीजेपी के लिए गले की हड्डी बनते जा रहे हैं। ऐसे में जल्दी ही बादल कुमार को भी उनके कैडर में वापस भेजा जा सकता है।