-व्यापारियों पर लगाए गए साइनेज बोर्ड के भारी-भरकम शुल्क को तुरंत वापस ले नगर निगमः मुकेश गोयल
-कोरोना महामारी से प्रभावित व्यापारियों को दी जाये सभी तरह के लाइसेंस शुल्क में एक साल की छूटः मुकेश गोयल
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली
उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल के नेता और वरिष्ठ निगम पार्षद मुकेश गोयल ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा व्यापारियों के ऊपर साइन बोर्ड शुल्क की नई दरों के रूप में नया कर-भार डाले जाने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते दिल्ली का व्यापार दो महीने तक पूरी तरह से ठप रहा है। अब कोविड गाइडलाइंस को पूरा नहीं करने के नाम पर दिल्ली सरकार द्वारा किसी भी बाजार को कभी भी बंद करा दिया जाता है। ऐसे में व्यापारियों पर नया भार डालकर उत्पीड़न किया जाना गलत है। उन्होंने मांग की कि साइन बोर्ड पर लगाए गये टैक्स को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और निगम द्वारा सभी तरह के लाइसेंस शुल्क में एक साल की छूट दी जानी चाहिए।
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मुकेश गोयल ने आगे कहा कि नगर निगम ने आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी 2017 में बनाई थी। लेकिन चार साल बाद अब इसे कोरोना महामारी के समय में लागू किया जा रहा है। सवाल यह है कि इसे पहले क्यों नहीं लागू किया गया? निगम ने ढाई वर्ग मीटर से ज्यादा साइज के साइन बोर्डस पर 100 रूपये महीने से 400 रूपये प्रति माह प्रति वर्ग फुट का शुल्क तय किया है। यदि किसी कारोबारी का साइन बोर्ड 400 वर्ग फुट का है तो उसे 300 रूपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह की दर से भुगतान करना पड़ेगा। जो कि सालाना 14 लाख 40 हजार रूपये प्रति वर्ष बैठता है। इससे बड़ा साइन बोर्ड होगा तो कारोबारी को 450 रूपये प्रति वर्ग फुट, प्रति माह की दर से भुगतान करना होगा। राजस्व वसूली के लिए लोगों को अपने ही दुकानों/कार्यालयो पर अपना बोर्ड लगाने के लिए फीस देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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मुकेश गोयल ने आगे कहा कि दिल्ली नगर निगम में शासन करने वाली भारतीय जनता पार्टी और दिल्ली सरकार में काबिज आम आदमी पार्टी दोनों मिलकर दिल्ली वालों की समस्याओं को बढ़ा रहे हैं। एक ओर नगर निगम टैक्स वसूली के नये-नये रास्ते खोजने में जुटा है दूसरी ओर दिल्ली सरकार बाजारों में बिना किसी ठोस व्यवस्था के किसी भी बाजार को कभी भी बंद करवा देती है। बाजारों में काम धंधा नहीं है। व्यापारी जैसे-तैसे अपना और अपने स्टाफ के लोगों के परिवारों को पाल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि आप और बीजेपी के नेताओं को एक साथ बैठकर समस्याओं का हल निकालना चाहिए। दिल्ली वालों के ऊपर नये-नये टैक्स लगाना कोई समस्या का समाधान नहीं है।