कांग्रेस ने की AAP सरकार के प्रॉपर्टी टैक्स भ्रष्टाचार की जांच की मांग

-प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बीजेपी द्वारा एमसीडी में दी जा रही निजी कंपनियों को एंट्री पर जताया विरोध

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 08 अगस्त।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि निजीकरण भाजपा की ही देन है और दिल्ली में सम्पति कर की वसूली को 5-10 प्रतिशत की दर पर निजी कम्पनियों के हाथों में सौंपकर बीजेपी निगम में एक और भ्रष्टाचार को अंजाम देने की राह तलाश रही है। इसकी नींव आम आदमी पार्टी ने रख दी थी। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सम्पति कर में आम आदमी पार्टी की सरकार के भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। वित्तीय वर्ष 2025 में निगम ने 4000 करोड़ सम्पत्ति कर वसूली का लक्ष्य रखा है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में लगभग 40 लाख सम्पतियां होने के बावजूद वर्तमान वर्ष में एमसीडी ने 13 लाख टैक्सदाताओं से लगभग 2,163 करोड़ रुपये की वसूली की। निगम द्वारा एक साजिश के तहत करीब 27 लाख संपत्ति मालिकों को सर्वे के नाम पर परेशान किया जाएगा और उन पर जारी नोटिस का कांग्रेस विरोध करती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रस्तावित “संपत्तिकर निपटान योजना“ के अंतर्गत पिछली वर्षों के सभी प्रॉपर्टी टैक्स के ब्याज और पेनल्टी को माफ करने के साथ एक मुश्त राशि को जमा करने के शर्तों को भी खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के सर्वे में जिस प्रकार भ्रष्टाचार हुआ, उसी तर्ज पर हर साल 500-1,000 करोड़ रुपये की संभावित अवैध वसूली होती है। प्रॉपर्टी मालिकों को धमकाने के बजाय एमसीडी का वसूली विभाग खुद सर्वे कराकर सम्पतियों का आंकलन करे।
देवेन्द्र यादव ने आगे कहा कि यदि बीजेपी एमसीडी की आय बढ़ाना चाहती है तो सर्वप्रथम भ्रष्टाचार समाप्त करके राजस्व वृद्धि के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन से पहले के सभी बकाया टैक्स को समाप्त कर 2022 के संकल्प पत्र में किए वादों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निगम को जियोस्पैटियल सर्विसेज लिमिटेड से डेटा लेकर अपने विभाग की क्षमता बढ़ाकर संपत्तियों की पहचान करनी चाहिए, क्योंकि निजी कंपनियाँ और उनके ठेकेदार दिल्ली से भलीभांति परिचित नहीं होंगे और उनका उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना होगा।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि बेस यूनिट एरिया वैल्यू और अन्य कारकों में बदलाव के बावजूद पाँचवीं म्युनिसिपल वैल्यूएशन कमेटी की रिपोर्ट जिसे वर्ष 2023 में लाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में लक्ष्य की तुलना में भारी कमी का मुख्य कारण निगम में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार था, जिसके लिए आम आदमी पार्टी जिम्मेदार थी। इस कमेटी की रिपोर्ट बनाने में एन.डी. गुप्ता के पुत्र नवीन एन.डी. गुप्ता भी सदस्य थे।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि नया टैक्स वसूली लक्ष्य लगभग 1,837 करोड़ रुपये पहले से अधिक है। यदि निगम सम्पति कर को निजी हाथों में सौंपती है तो इसका 8-10 प्रतिशत लगभग 184 करोड़ रुपये निजी कम्पनियों को जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अरविन्द केजरीवाल ने शराब घोटाले में इस मॉडल का उपयोग किया, भाजपा भी प्रॉपर्टी सर्वे के नाम पर इसी मॉडल के रुप में बड़े घोटाले को अंजाम दे रही है और इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। महाराष्ट्र, राजस्थान और ओडिशा में भी भाजपा सरकारें इसी मॉडल पर भ्रष्टाचार कर रही हैं।