आयुक्त की सुस्ती से SOUTH DMC को लाखों का घाटा

-6 पार्किंग मामले में नहीं किए दोबारा टेंडरिंग के आदेश
-स्थायी समिति के पांच सदस्यों ने की रीटेंडरिंग की मांग

हीरेन्द्र सिंह राठौड़/ नई दिल्ली
निगम आयुक्त की सुस्ती की वजह से दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को लाखों रूपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। 6 पार्किंग के ऑनलाइन ठेकों में हुए घोटाले के बाद स्थायी समिति अध्यक्ष और सदस्यों ने लिखित में पुरानी प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा टेंडर कराने की मांग की है। लेकिन निगम आयुक्त ने इस मामले में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया। अब यह मामला सियासी तूल पकड़ता जा रहा है।

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विवाद उठने के बाद दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता और स्थायी समिति के चार अन्य सदस्यों ने निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती से मिलकर लिखित में ऑनलाइन बोली की प्रक्रिया में दिए गए पार्किंग के ठेकों को रद्द कर दोबारा टेंडर करने की मांग की थी। 31 मई से पहले ही आयुक्त ने मामले की जांच की बात कही थी।

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इन छह पार्किंग के ठेकों का पजेशन 1 जून को नए ठेकेदारों को दिया जाना था। लेकिन शिकायतें आने के बाद पजेशन पर रोक लगा दी गई थी। फिलहाल इन पार्किग को पहले की तरह डिम्ट्ज चला रहा है। 15 दिन बाद भी निगम आयुक्त की ओर से काई निर्णय नहीं लिए जाने की वजह से निगम को लाखों रूपये का नुकसान हो चुका है।

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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में अधिकारियों की मनमानी जारी है। इसी के चलते पिछले दिनों लॉकडाउन के दौरान निगम के 6 पार्किंग के ठेके आरपी सेल के अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन बोली के आधार पर दे दिए गए थे। खास बात है कि बोली के लिए आए सात बिडर्स में से तकनीकी कमियां बताकर 4 बिडर्स को ऑनलाइन बोली से बाहर कर दिया गया था।

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बाकी बचे तीन बिडर्स को दो-दो पार्किंग के ठेके दे दिए गए। खास बात है कि इन पार्किंग के ठेके देने के लिए नियमों में बदलाव की मंजूरी भी विधायी पक्ष से नहीं ली गई थी। आरोप है कि ऑनलाइन बोली में तीनों बिडर्स ने एक दूसरे की बोली देखकर लगाई और आपस में दो-दो पार्किंग का बंटवारा कर लिया। इससे दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को करीब 8 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने जा रहा है।

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सबसे बड़ी बात है कि अधिकारियों और पार्किंग माफिया के गठजोड़ में चार पार्किंग के ठेके एक बीजेपी नेता हिस्से में आई हैं। यह नेताजी निगम की एक पोस्ट पर भी काबिज हैं।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने इसी साल 16 मार्च को हौज खास, मुनीरका, राजौरी गार्डन, सुभाष नगर और न्यू फ्रैंड्स कालोनी की पार्किंग के लिए एडवांस मासिक लाइसेंस फीस के आधार पर टेंडर मांगे थे। ई-ऑक्शन की प्रक्रियां पूरी करने के लिए 27 अप्रैल 2020 तक का समय दिया गया था। 13 मई को इन पार्किंग का ई-ऑक्शन किया गया है।
निगम को ही भरना होगा बिजली का बिल
पार्किंग के ठेके दिए जाने के मामले में एक बात और सामने आई है कि बिजली के बिल दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को ही भरने होंगे। जबकि सामान्य प्रक्रिया के तहत बिजली के बिल पार्किंग का संचालन करने वाले ठेकेदारों के द्वारा भरे जाते हैं। ऐसे में अधिकारियों ने लाखों रूपये महीने का यह भार भी निगम के ऊपर डाल दिया है।
निगम आयुक्त के फैसले का इंतजारः गुप्ता
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि हम निगम आयुक्त के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यह कहना सही है कि फैसले में देरी से निगम को नुकसान हो रहा है। हमारे पास भी ठेके दिए जाने में भ्रष्टाचार की शिकायतें आई हैं। हमने आयुक्त को कहा है कि नगर निगम के हित में इस प्रक्रिया को रद्द कर तुरंत नई प्रक्रिया शुरू की जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसमें भाग लेने का मौका दिया जाए ताकि निगम की आमदनी बढ़ाई जा सके।
कांग्रेस ने फिर उठाई सीबीआई जांच की मांग
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व निगम पार्षद कैप्टन खविंद्र सिंह ने फिर से 6 पार्किंग के ठेके दिए जाने की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टेंडरिंग में बड़ा घोटाला हुआ है। दाषियों को सजा मिलनी ही चाहिए। उन्होंने कहा कि निगम आयुक्त दोबारा टेंडरिंग कराने में जितनी देर करेंगे, निगम को उतना ही ज्यादा नुकसान होगा। इसलिए तुरंत सभी 6 पार्किंग की टेंडरिंग दोबारा कराई जानी चाहिए। आयुक्त की सुस्ती से लगता है कि वह अपने अधिकारियों को बचाना चाहते हैं।
तुरंत कराई जाए दोबारा टेंडरिंग
आम आदमी पार्टी ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आप प्रवक्ता घनेंद्र भारद्वाज ने कहा कि इस भ्रष्टाचार में खुद बीजेपी नेता शामिल हैं। इसलिए मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से नहीं कराई जा रही। टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने में देरी से नगर निगम का लाखों रूपये का नुकसान हो रहा है। इसलिए तुरंत दोबारा टेंडर कराए जाने चाहिए। ताकि ज्यादा ठेकेंदार इसमें भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।